बिलासपुर प्रवास पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा आश्वासन—दिव्यांगों और बुजुर्गों को सहायक उपकरणों की नहीं होगी कमी! नशामुक्ति केंद्र से छात्रावास तक किया निरीक्षण, युवाओं को दिया नशा छोड़ने का संदेश।

बिलासपुर प्रवास पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा आश्वासन—दिव्यांगों और बुजुर्गों को सहायक उपकरणों की नहीं होगी कमी! नशामुक्ति केंद्र से छात्रावास तक किया निरीक्षण, युवाओं को दिया नशा छोड़ने का संदेश।

दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए सहायक उपकरणों की कमी नहीं होने देंगे : केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार

बिलासपुर में समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सहित विभिन्न संस्थानों का किया निरीक्षण, युवाओं और विद्यार्थियों को नशामुक्ति के लिए किया प्रेरित

बिलासपुर : केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बिलासपुर प्रवास के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, विद्यार्थियों और नशामुक्ति के लिए उपचाररत युवाओं से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। केंद्रीय मंत्री ने संस्थानों की गतिविधियों एवं सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायक उपकरणों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित शुद्धि नशामुक्ति सह पुनर्वास केंद्र में भर्ती युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने युवाओं को मां की ममता और पिता के सपनों का स्मरण कराते हुए परिवार, समाज एवं देश के विकास के लिए नशे का त्याग करने की प्रेरणा दी। जनकल्याण परिषद द्वारा संचालित कल्याण कुंज वृद्धाश्रम में उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम पूछा तथा भरण-पोषण अधिनियम की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री को अपने बीच पाकर बुजुर्गों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

जिला चिकित्सालय परिसर स्थित प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र के निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एडिप एवं वयोश्री योजनाओं के अंतर्गत कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरण की जानकारी ली तथा कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। जिला पुनर्वास केंद्र में उन्होंने विभिन्न थेरेपी के लिए आधुनिक उपकरणों के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। जिला चिकित्सालय का निरीक्षण करते हुए सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए निर्देशित किया, ताकि अधिकाधिक जरूरतमंद इनका लाभ ले सकें।

केंद्रीय मंत्री ने अपने लगभग 40 वर्ष पुराने संस्मरणों को ताजा करने  छत्तीसगढ़ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को नशामुक्त भारत अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया और नशामुक्ति का संकल्प दिलाया। महिला एवं बाल विकास विभाग की एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 18 मंगला चौक का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सुपोषण एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए नवाचारों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के केंद्र विकसित करने की बात कही।

केंद्रीय मंत्री ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्री-मैट्रिक छात्रावास जरहाभाठा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेते हुए विद्यार्थियों को जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की सीख दी। उन्होंने विद्यार्थियों को आईएएस अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर और श्रेष्ठ नागरिक बनकर देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक तिलकेश भावे ने केंद्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ की अस्मिता की प्रतीक छत्तीसगढ़ महतारी का स्मृति चिन्ह भेंट किया।

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