अब पारंपरिक खेती के साथ कंदीय फसलों से भी चमकेगी किसानों की किस्मत! कृषि अनुसंधान केंद्र में किसानों को मिला आधुनिक खेती का प्रशिक्षण, वैज्ञानिकों ने बताए उत्पादन और भंडारण के खास तरीके!

अब पारंपरिक खेती के साथ कंदीय फसलों से भी चमकेगी किसानों की किस्मत! कृषि अनुसंधान केंद्र में किसानों को मिला आधुनिक खेती का प्रशिक्षण, वैज्ञानिकों ने बताए उत्पादन और भंडारण के खास तरीके!

कन्द फसल परियोजनांतर्गत किसानों को मिला एक दिवसीय प्रक्षेत्र भ्रमण व उन्नत कृषि प्रशिक्षण

कृषकों को कृषि सामग्री का भी हुआ वितरण

जगदलपुर : परिक्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र कुम्हरावण्ड, जगदलपुर में संचालित अखिल भारतीय समन्वित कन्द फसल अनुसंधान परियोजना के अंतर्गत शनिवार 31 अक्टूबर को कंदीय फसलों पर आधारित एक दिवसीय प्रक्षेत्र भ्रमण सह-कृषक प्रशिक्षण एवं सामग्री वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष प्रक्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम में तोकापाल विकासखंड के ग्राम पोटानार से आए 30 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परिक्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र के सह-संचालक अनुसंधान डॉ एके ठाकुर ने किसानों को कंदीय फसलों की खेती से होने वाले आर्थिक एवं पोषण संबंधी लाभों से अवगत कराते हुए इन्हें अपनी खेती में अपनाने का उपयोगी सुझाव दिया। इसके पश्चात कन्द फसल अनुसंधान परियोजना प्रभारी डॉ पद्माक्षी ठाकुर ने उपस्थित कृषकों को अनुसंधान प्रक्षेत्र का विस्तृत भ्रमण कराया। उन्होंने किसानों को अलग-अलग कंदीय फसलों की उन्नत किस्मों, उनकी आधुनिक उत्पादन तकनीकों और वैज्ञानिक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी देते हुए खेती के नए तौर-तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में डॉ गुंजा ठाकुर ने किसानों को कन्द फसलों के उचित भंडारण के तरीकों के साथ-साथ लघु वर्गीय कंद फसलों के उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रक्षेत्र भ्रमण के समापन उपरांत किसानों को खेती में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से आवश्यक कृषि सामग्रियों का वितरण किया गया, जिसमें उन्नत सब्जी बीज, कीटनाशक, मुनगा व अमरूद के पौधे तथा फसल सुरक्षा व सुखाने हेतु तिरपाल शामिल थे। इस पूरे आयोजन से किसानों को कंदीय फसलों की वैज्ञानिक खेती को समझने और उन्हें अपनाने की नई प्रेरणा मिली।

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