दोकड़ा में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ अधर पाना अनुष्ठान
गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल
लिटिल चैंप प्रतियोगिता में बच्चों ने बिखेरा प्रतिभा का रंग
आज नीलाद्री विजय के साथ महाप्रभु करेंगे गर्भगृह में प्रवेश
दोकड़ा/जशपुर : जशपुर जिले के विकासखंड कांसाबेल स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में रविवार को भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा का पारंपरिक अधर पाना अनुष्ठान श्रद्धा, आस्था और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के दर्शन कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की।
अधर पाना अनुष्ठान में श्री मंदिर के गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मंदिर समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।
मंदिर परिसर में संध्या बेला में भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन एवं वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने अधर पाना की प्राचीन परंपरा का दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित दर्शन एवं महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई।
इसी अवसर पर आयोजित लिटिल चैंप प्रतियोगिता बच्चों के आकर्षण का केंद्र रही। नन्हे प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, भक्ति गीतों एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
मंदिर समिति ने बताया कि आज सोमवार को नीलाद्री विजय के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा रथ से पुनः श्री मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ द्वारा माता लक्ष्मी को रसगुल्ला अर्पित कर उन्हें प्रसन्न करने की प्राचीन एवं विशेष परंपरा भी निभाई जाएगी।वर्ष 1942 से निरंतर आयोजित हो रही दोकड़ा की ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा आज छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं झारखंड के श्रद्धालुओं की आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है।

