कल्याण महाविद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, 500 से अधिक विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचाव एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति किया गया जागरूक
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत कल्याण महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की तथा उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया संबंधी साइबर अपराधों की जानकारी दी गई।
साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी डॉ. संकल्प राय ने OTP, UPI PIN, पासवर्ड एवं डिजिटल लेन-देन में सावधानी सहित साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, दुर्ग ने विद्यार्थियों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने तथा किसी भी ऑनलाइन लेन-देन से पहले सत्यापन करने की अपील की।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दिनांक 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत दुर्ग पुलिस द्वारा विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कल्याण महाविद्यालय, भिलाई में साइबर अपराध एवं डिजिटल सुरक्षा विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दुर्ग : दिनांक 10.09.2026 को कल्याण महाविद्यालय, भिलाई में दीक्षा आरंभ कार्यक्रम के अंतर्गत साइबर अपराध एवं डिजिटल सुरक्षा विषय पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, दुर्ग उपस्थित रहे। इसके अलावा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा, विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुपमा अस्थाना एवं प्रभारी छात्रसंघ डॉ. ईश्वर सिंह बरगाह सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी डॉ. संकल्प राय द्वारा विद्यार्थियों को वर्तमान समय में होने वाले साइबर अपराधों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल एवं मैसेज, संदिग्ध लिंक, OTP, UPI PIN, सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा तथा डिजिटल लेन-देन के दौरान आवश्यक सावधानियों के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को विश्वास में लेकर अथवा भय एवं लालच का सहारा लेकर उनकी गोपनीय जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और संदिग्ध लिंक या QR कोड का उपयोग करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करनी चाहिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, दुर्ग का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, दुर्ग ने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक खाते से संबंधित किसी भी गोपनीय जानकारी को किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। अनजान लिंक एवं QR कोड से सावधान रहें तथा किसी भी ऑनलाइन लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था का सत्यापन अवश्य करें।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता एवं सतर्कता सबसे प्रभावी उपाय हैं।
साइबर अपराध होने पर तत्काल सूचना दें
यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही नजदीकी पुलिस थाना अथवा साइबर सेल को भी सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से ठगी की राशि को रोकने तथा आगे होने वाले नुकसान को सीमित करने में सहायता मिल सकती है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से अपील करती है कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सदैव सतर्क रहें। OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, QR कोड एवं फर्जी ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहें।
साइबर अपराध की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल 1930 पर शिकायत करें और पुलिस को सूचना दें। दुर्ग पुलिस द्वारा युवाओं एवं आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।


