राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर लोयोला महाविद्यालय में कार्यक्रम, साइबर ठगी से बचाव और देशसेवा का दिया संदेश
कुनकुरी : लोयोला महाविद्यालय कुनकुरी में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के अवसर पर महाविद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीएसपी जिला जशपुर श्री आर.के. चौहान शामिल हुए। उनके साथ कुनकुरी थाना प्रभारी श्री भूपेन्द्र चन्द्र एवं पुलिस विभाग के अन्य सहयोगी स्टाफ भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज सेवा, देश सेवा, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, यातायात सुरक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत गान एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक विद्यार्थियों ने नृत्य एवं एकांकी की प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से देश सेवा के लिए आगे आने तथा वर्तमान समय में बढ़ती साइबर ठगी से सावधान रहने का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के लिए समर्पित करते हुए महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. किशोर मिंज ने राष्ट्रीय सेवा योजना के इतिहास और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना महात्मा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष 1969 में हुई थी और तब से यह समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। प्रारंभ में इसका दायरा विद्यालयों तक सीमित था, लेकिन समय के साथ इसका विस्तार विश्वविद्यालय स्तर तक हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से सफाई अभियान, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा जैसे विषयों पर जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाए जाते रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम समाज के विभिन्न स्तरों पर देखने को मिल रहे हैं।
साइबर ठगी से बचाव के लिए डीएसपी ने बताए छह मूलमंत्र
मुख्य अतिथि डीएसपी आर.के. चौहान ने कार्यक्रम के मुख्य विषय ‘साइबर ठगी से बचने के उपाय’ पर विद्यार्थियों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोयोला महाविद्यालय ने क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है और यहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह एकनिष्ठ रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें और रात-दिन अपने उद्देश्य के प्रति समर्पित होकर मेहनत करें। उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा, “आप किताब में सिर झुकाइए, फिर किसी के आगे सिर झुकाना नहीं पड़ेगा। मेहनत कभी निरर्थक नहीं जाती, उसका परिणाम अवश्य मिलता है। लाइक पाने के लिए लायक बनिए।”
उन्होंने अपनी शायरी के माध्यम से विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति संकल्पित रहने की प्रेरणा दी—
“विकल्प अनेक हैं, राह भटकने के लिए।संकल्प तो एक है, मंजिल पाने के लिए।”
साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए डीएसपी श्री चौहान ने बताया कि पूरे प्रदेश में साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के लिए छह मूलमंत्र बताए और आग्रह किया कि प्रत्येक विद्यार्थी कम से कम पांच अन्य लोगों तक भी इन सावधानियों की जानकारी पहुंचाए।
उन्होंने POLICE शब्द के माध्यम से साइबर सुरक्षा के छह मूलमंत्र समझाए—
P – Password: अपना पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
O – OTP (One Time Password): अपना ओटीपी किसी को भी शेयर न करें।
L – Link: किसी अनजान नंबर से प्राप्त लिंक को टच या क्लिक न करें।
I – Incentive: लोभ, लालच, इनाम या लॉटरी जैसे प्रलोभनों को ठगी से संबंधित मानकर सावधान रहें।
C – Chat: किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट को नजरअंदाज करें और सावधानी बरतें।
E – Emergency: साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल करें।
नशे से दूर रहने और यातायात नियमों के पालन का भी दिया संदेश
डीएसपी श्री चौहान ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र ‘Drink & Drive’ की घटनाओं के लिहाज से भी संवेदनशील है। नशे की हालत में वाहन चलाने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे की लत छोड़कर स्वास्थ्य को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। यातायात नियमों का पालन करके ही भाग-दौड़ भरे जीवन में स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान डीएसपी ने विद्यार्थियों को पुलिस विभाग में सेवा के लिए तैयारी तथा साइबर ठगी से बचाव से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने अपनी शंकाएं और जिज्ञासाएं सामने रखीं तथा पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
“मैं नहीं, आप” राष्ट्रीय सेवा योजना की आदर्श वाणी : डॉ. फा. तेलेस्फोर लकड़ा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था प्रमुख एवं महाविद्यालय के प्राचार्य श्रद्धेय डॉ. फा. तेलेस्फोर लकड़ा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना किसी भी शिक्षण संस्था का महत्वपूर्ण घटक है। इसके माध्यम से व्यक्ति स्वयं को खोजने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का प्रयास करता है। राष्ट्रीय सेवा योजना में स्वयं को दूसरों की सेवा के लिए समर्पित करने की भावना निहित है।
उन्होंने कहा कि “मैं नहीं, आप” राष्ट्रीय सेवा योजना की आदर्श वाणी है और इसी में इसकी महत्ता एवं उद्देश्य निहित है। राष्ट्रीय सेवा योजना के बैनर तले विद्यार्थी वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, असहाय लोगों की सहायता तथा जरूरतमंदों के बीच आशा और उत्साह का संदेश पहुंचाने जैसे कार्य कर सकते हैं।
डॉ. लकड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में समाज और देश के लिए सेवा, समर्पण, त्याग और बलिदान राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी स्वयंसेवक विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राएं, सहायक प्राध्यापक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित सभी लोगों ने देश सेवा के लिए निर्धारित उत्तरदायित्वों एवं मानकों को अपनाने और समाजहित में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।


