गंभीर मामलों में घिरे संविदा समन्वयक श्यामलाल साहू पर कलेक्टर की गाज, सेवा से तत्काल बर्खास्त
जशपुर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्रशासन ने अनुशासनहीनता और गंभीर आपराधिक कृत्यों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एक बेहद कड़ा कदम उठाया है। जिला परियोजना कार्यालय (समग्र शिक्षा) जशपुर में संलग्न और विकासखंड फरसाबहार के संविदा विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक (BRCC) के पद पर कार्यरत श्यामलाल साहू को उनके पद से तत्काल प्रभाव से पृथक (बर्खास्त) कर दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है, जिसके बाद से शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी संविदा अधिकारी श्यामलाल साहू के खिलाफ पड़ोसी जिले सूरजपुर के थाना प्रतापपुर अंतर्गत चौकी खड़गवा में गंभीर धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई थी। चौकी प्रभारी खड़गवा के पत्र क्रमांक 281/2026 (दिनांक 21 सितंबर 2026) के विस्तृत प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। साहू पर दिनांक 18 सितंबर 2026 को बी.एन.एस. (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 309 (6) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 और 30 के तहत संगीन मामले दर्ज किए गए हैं।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- गिरफ्तारी एवं न्यायिक रिमांड: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 सितंबर 2026 को आरोपी श्यामलाल साहू को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
- आचरण नियमों का उल्लंघन: प्रशासन का मानना है कि एक जिम्मेदार शासकीय पद पर रहते हुए इस प्रकार के आपराधिक कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 के पूर्णतः विपरीत हैं और यह गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आते हैं।
- तत्काल प्रभाव से निष्कासन: नियुक्ति आदेश की कंडिका-02 में निहित शर्तों के आधार पर उन्हें संविदा सेवा से मुक्त कर दिया गया है।
जिला प्रशासन के इस सख्त फैसले से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि शासकीय दायित्वों का निर्वहन करने वाले कर्मचारियों द्वारा यदि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या अनुशासनहीनता की जाती है, तो विभाग द्वारा बिना किसी विलंब के कठोरतम विधिक और प्रशासनिक अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


