नशीली सिरप के पूरे नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 5 दोषियों को 15-15 साल की सजा! 381 दिनों में जांच से फैसला तक पहुंचा NDPS केस, ₹2 लाख जुर्माना भी

नशीली सिरप के पूरे नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 5 दोषियों को 15-15 साल की सजा! 381 दिनों में जांच से फैसला तक पहुंचा NDPS केस, ₹2 लाख जुर्माना भी

 अपराध पंजीबद्ध होने के एक वर्ष के भीतर एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन, समयबद्ध चालान एवं कठोर सजा — NDPS ट्रायल मॉनिटरिंग का प्रभावी परिणाम

 थाना कबीर नगर अपराध क्रमांक 185/2025

25.08.2025 को प्रकरण पंजीबद्ध, 19.12.2025 को चालान पेश तथा 10.09.2026 को माननीय विशेष न्यायालय (NDPS), रायपुर द्वारा 15 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹2 लाख जुर्माने की सजा।

अपराध पंजीयन से निर्णय तक मात्र 381 दिवस तथा चालान पेश होने से सजा तक 265 दिवस।

नशीली सिरप के स्रोत एवं सप्लाई चैन तक पहुंचते हुए एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन।

समन, वारंट की तामीली एवं गवाहों की समयबद्ध पेशी पर विशेष ध्यान

रायपुर : कमिश्नरेट में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के साथ-साथ NDPS प्रकरणों के समयबद्ध विचारण एवं ट्रायल मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में संचालित इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रकरणों में गवाहों की निष्पक्ष एवं समय पर पेशी, न्यायालय से जारी समन एवं वारंट की तामीली तथा लंबे समय से फरार/बेल जंपर आरोपियों के संबंध में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि NDPS प्रकरणों का विचारण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और दोषी व्यक्तियों को शीघ्र कानून के अनुसार दंडित कराया जा सके।

इसी क्रम में थाना कबीर नगर के अपराध क्रमांक 185/2025, धारा 21(C), 29 NDPS Act के प्रकरण में दिनांक 25.08.2025 को प्रतिबंधित नशीली सिरप TUSCOREX SYRUP की 100 शीशी, प्रत्येक 100 ML, कुल 10 लीटर, कीमत लगभग ₹25,000/- जप्त कर प्रारंभिक रूप से आरोपी राहुल बंजारे एवं नंदन मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था। विवेचना में प्राप्त तथ्यों एवं आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर सुरेंद्र सिंह की संलिप्तता सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया।

प्रकरण की विवेचना को केवल बरामदगी एवं प्रारंभिक आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकजेस की जांच करते हुए एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन किया गया। नशीली सिरप के स्रोत तक पहुंचने पर अधिराज मेडिकल, मॉडल टाउन, भिलाई के माध्यम से इसकी आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई। विवेचना के दौरान मेडिकल संचालक उदित शर्मा एवं सह-संचालक सूजा कुरैशी उर्फ सन्नी की संलिप्तता सामने आने पर दोनों को भी गिरफ्तार किया गया।

विवेचना के दौरान मादक पदार्थ का आवश्यक वैज्ञानिक परीक्षण, दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों का संकलन तथा आवश्यक वैधानिक कार्यवाहियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करते हुए दिनांक 19.12.2025 को प्रकरण का चालान माननीय विशेष न्यायालय (NDPS), रायपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इसके पश्चात रायपुर कमिश्नरेट की NDPS Trial Monitoring व्यवस्था के अंतर्गत प्रकरण की निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध पेशियों, अभियोजन साक्षियों की निष्पक्ष एवं समय पर उपस्थिति तथा समन एवं वारंट की तामीली पर विशेष ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप चालान पेश होने के मात्र 265 दिवस (लगभग 8 माह 22 दिवस) में प्रकरण का विचारण पूर्ण हुआ।

दिनांक 10.09.2026 को माननीय विशेष न्यायालय (NDPS), रायपुर में माननीय न्यायाधीश श्रीमती किरण थवाईत के न्यायालय द्वारा प्रकरण में समस्त पाँचों आरोपीगण—

1. राहुल बंजारे

2. नंदन मिश्रा

3. सुरेंद्र सिंह

4. उदित शर्मा

5. सूजा कुरैशी उर्फ सन्नी

को 15 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹2,00,000/- के जुर्माने की सजा सुनाई गई।

इस प्रकार अपराध पंजीबद्ध होने के मात्र 381 दिवस (लगभग 1 वर्ष 16 दिवस) के भीतर प्रकरण में दोषसिद्धि एवं कठोर सजा हुई।

समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया का प्रभाव

NDPS प्रकरणों में प्रभावी विवेचना के साथ-साथ समयबद्ध विचारण सुनिश्चित करना नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध प्रभावी निवारक संदेश देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इस प्रकरण में स्रोत से लेकर सप्लाई चैन तक एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन, समयबद्ध चालान एवं उसके पश्चात ट्रायल मॉनिटरिंग के माध्यम से कम समय में दोषसिद्धि एवं कठोर सजा प्राप्त हुई। इससे नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों में कानून का भय उत्पन्न करने तथा समाज में यह संदेश देने में मदद मिलेगी कि ऐसे अपराधों में गिरफ्तारी के साथ-साथ प्रभावी अभियोजन एवं कठोर दंड तक की प्रक्रिया को भी समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।

कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका

सम्पूर्ण रेड एवं विवेचना की कार्यवाही तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक आजाद चौक ईशू अग्रवाल (भा.पु.से.) के पर्यवेक्षण में तथा प्रकरण के विवेचक निरीक्षक सुनील दास, थाना प्रभारी कबीर नगर और उप निरीक्षक लोकेश्वर सदावर्ति द्वारा की गई। कार्यवाही में सहायक उप निरीक्षक नारायण सेन, प्रधान आरक्षक आलोप राठौर, आरक्षक दीपक सिंह ठाकुर, मोसिन खान, गजेंद्र साहू, प्रेम प्रकाश चनाप एवं खगेश्वर राठिया, महिला आरक्षक अमीना खातून तथा ACCU से सहायक उप निरीक्षक प्रेमराज बारीक, प्रधान आरक्षक दीपक बघेल, आरक्षक टीकम साहू, राकेश पांडेय एवं अभिषेक सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

यह प्रकरण रायपुर कमिश्नरेट की NDPS Trial Monitoring व्यवस्था के अंतर्गत समयबद्ध विवेचना, चालान एवं विचारण के माध्यम से कठोर सजा सुनिश्चित करने की दिशा में एक उल्लेखनीय सफलता है।

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