नये कानून के मंशानुसार कार्यवाही करते हुये दुष्कर्म पीड़िता को मिला त्वरित न्याय, आरोपी को हुई आजीवन कारावास साथ ही पीड़िता को क्षतिपूर्ती दिये जाने का भी आदेश जारी,
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में थाना कांसाबेल में दर्ज अप-क्र- 75/2026 के प्रकरण में मात्र ढाई माह के भीतर आरोपी कलेश्वर राम विश्वकर्मा को आजीवन कारावास की सजा मिली,
प्रकरण में प्रार्थिया, गवाह, एवं ग्रामीण जनता रहा विशेष सहयोग,
माननीय न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये मात्र डेढ़ माह के भीतर सुनाई सजा,
प्रकरण में जिला अभियोजन अधिकारियों ने ग हन समीक्षा कर आरोपी को दिलाया सजा,
आरोपी कलेश्वर राम के विरूद्ध थाना कांसाबेल में धारा 376 (ए)(बी) भा.द.वि. सहपठित धारा 65(2) भारतीय न्याय संहिता, 376(2)(N) भा.द.वि. सहपठित धारा 64(2)(फ) भा.न्या.सं. 376(फ) भा.द.वि. सहपठित धारा 68 भा.न्या.सं. एवं धारा 296, 351(2), 115(2), 117(2) भा न्या.सं. पाॅक्सो एक्ट की धारा 6 का अपराध दर्ज।
आरोपी का नाम:- कलेश्वर राम विश्वकर्मा उम्र 45 साल निवासी ग्राम तुतटोली घोघर थाना कांसाबेल।
जशपुर : महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध जशपुर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। थाना कांसाबेल में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 75/2026 के गंभीर पाॅक्सो एक्ट के प्रकरण में विशेष पाॅक्सो न्यायालय, जशपुर के माननीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे ने दिनांक 23 जुलाई 2026 को आरोपी कलेश्वर राम विश्वकर्मा को भारतीय न्याय संहिता एवं पाॅक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषसिद्धि पाते हुए आजीवन कारावास सहित अन्य दंड से दंडित किया। साथ ही पीड़िता को शासन की प्रचलित योजना के अंतर्गत पीड़ित क्षतिपूर्ति (Victim Compensation) प्रदान किए जाने का भी आदेश पारित किया।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण:-
थाना कांसाबेल क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी कलेश्वर राम विष्वकर्मा उससे लंबे समय से उसके साथ गंभीर लैंगिक अपराध कर रहा था। दिनांक 29 अप्रैल 2026 को आरोपी द्वारा पुनः अपराध करने का प्रयास किए जाने पर पीड़िता के भाई ने विरोध किया, जिस पर आरोपी ने दोनों के साथ मारपीट कर उन्हें चोट पहुंचाई। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ थाना कांसाबेल पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत प्राप्त होने पर 02 मई 2026 को थाना कांसाबेल में अपराध क्रमांक 75/2026 पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण, न्यायालयीन कथन, घटनास्थल का निरीक्षण, वैज्ञानिक एवं फारेंसिक साक्ष्यों का संकलन तथा अन्य सभी आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण की। मात्र 46 दिनों में विवेचना पूर्ण कर 17 जून 2026 को विशेष पाॅक्सो न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। इसके बाद 18 जून 2026 को आरोप निर्धारित हुए तथा 23 जून 2026 से साक्ष्य दर्ज करने की कार्यवाही प्रारंभ हुई।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मौखिक, दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराध सिद्ध हुआ। एफआईआर दर्ज होने के लगभग ढाई माह के भीतर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध ठहराते हुए 23 जुलाई 2026 को आजीवन कारावास सहित अन्य दंड से दंडित किया। यह प्रकरण नए आपराधिक कानूनों की भावना के अनुरूप त्वरित विवेचना, प्रभावी अभियोजन एवं शीघ्र न्याय का उत्कृष्ठ उदाहरण है।
इस प्रकरण में पीड़िता, गवाहों एवं ग्रामीणजनों का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। वहीं जिला अभियोजन अधिकारी सुरेश कुमार साहू, एडीपीओ श्री विपिन शर्मा द्वारा प्रकरण का गहन अध्ययन किया गया, प्रकरण में विषेष लोक अभियोजक श्री अनुपम कुमार तिर्की द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर दंड दिलाया जा सका। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक जितेन्द्र ताम्रकार के द्वारा की गई।
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह पुलिस का संदेशः- ”जशपुर पुलिस महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति जीरो टालरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे मामलों में प्रत्येक शिकायत पर तत्काल कार्रवाई, वैज्ञानिक विवेचना, समयबद्ध अनुसंधान एवं प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कठोर दंड दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आमजन से अपील है कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपराध की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाया जा सके।“

