सुरंगपानी धान खरीदी केंद्र बना सियासी संग्राम का अखाड़ा, ‘रकबा खेल’ पर कांग्रेस का तीखा हमला
107 क्विंटल बोगस खरीदी के आरोप से गरमाई जशपुर की राजनीति, भाजपा पदाधिकारी पर सीधे सवाल
जशपुर : पत्थलगांव ब्लॉक के सुरंगपानी धान खरीदी केंद्र में कथित ‘रकबा खेल’ को लेकर जिले की राजनीति में भूचाल आ गया है। कांग्रेस ने 14 किसानों के पंजीकृत रकबे में कथित छेड़छाड़ कर 107 क्विंटल धान की बोगस खरीदी और भुगतान किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच तथा दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पार्टी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क से सदन तक आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को जिला कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील गुप्ता ने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि कर्राबेवरा निवासी किसान मनधरो यादव के खाते में चिंताराम, मोहरमति और राधिका के नाम जोड़े गए, जबकि उनका कोई पारिवारिक संबंध नहीं है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह 14 किसानों के रिकॉर्ड में हेरफेर कर रकबा बढ़ाया गया और बिचौलियों का धान सरकारी मंडी में खपाया गया।
विनयशील गुप्ता ने कहा कि एक मामले में 107 क्विंटल धान खरीदी दर्ज की गई, जबकि भौतिक सत्यापन के दौरान संबंधित किसान के पास उतनी मात्रा में धान उपलब्ध नहीं था। इसके बावजूद खरीदी दर्ज कर भुगतान भी कर दिया गया। उन्होंने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग और सुनियोजित गड़बड़ी करार दिया। कांग्रेस का कहना है कि यदि एक केंद्र में यह स्थिति है तो पूरे जिले में व्यापक जांच आवश्यक है।
प्रदेश सचिव रत्ना पैंकरा ने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि धान खरीदी के दौरान कांग्रेस ने कई बार ज्ञापन देकर संभावित गड़बड़ियों की ओर ध्यान दिलाया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण ही बोगस खरीदी संभव हो पाई।
सबसे बड़ा राजनीतिक आरोप भाजपा के एक पदाधिकारी पर लगाया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संबंधित उपार्जन केंद्र में भाजपा से जुड़े व्यक्ति को पहले कंप्यूटर ऑपरेटर और बाद में फड़ प्रभारी बनाया गया, और उसी दौरान रकबा बढ़ाने का खेल हुआ। हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आरोपों ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि बजट सत्र में यह मुद्दा विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया जाएगा। पार्टी ने दो टूक कहा है कि यदि निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
धान खरीदी, जो किसानों की आय और सरकारी भरोसे की रीढ़ मानी जाती है, उसी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने से राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और भाजपा की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

