चेटबा में जल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित : कौशल्या साय ने बताया जल संरक्षण की जरूरत, जल जागृति जशपुर अभियान के अंतर्गत 23वें दिन चेटबा में हुआ विशेष कार्यक्रम, ग्रामीणों को दिलाई गई जल बचाने की शपथ.

चेटबा में जल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित : कौशल्या साय ने बताया जल संरक्षण की जरूरत, जल जागृति जशपुर अभियान के अंतर्गत 23वें दिन चेटबा में हुआ विशेष कार्यक्रम, ग्रामीणों को दिलाई गई जल बचाने की शपथ.

जशपुर/कुनकुरी. 25 अप्रैल 2025 : जल जागृति जशपुर के अंतर्गत जल संरक्षण व संवर्धन हेतु जल जागरूकता कार्यक्रम के तेईसवें दिन जनपद पंचायत कांसाबेल  के ग्राम पंचायत चेटबा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया । इसका उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व के प्रति लोगो को जागरुक करना है। जल हमारे जीवन के लिए अनिवार्य घटक है, बिना इसके जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वर्तमान हालात में विश्व के अनेक हिस्से ऐसे है जहां पानी की कमी है। बढ़ती जनसंख्या, प्रदूषण में वृद्धि, जलवायु में लगातार हो रहे परिवर्तन के कारण साफ पेयजल की समस्या लगातार बढ़ते जा रही है।

वाटर हीरो नीरज वानखड़े ने लोगों को खेल खेल में पानी कैसे बचाए के सम्बन्ध में विभिन्न गतिविधियों से लोगों को अवगत कराया। उन्होंने अपने अभिनव मॉडल के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। सोखता गड्ढा, रैन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पीट कैसे बनाए, कैसे वर्षा जल संचय करें, के बारे में उपस्थित जन समूह को संबोधित किया।

श्रीमती कौशल्या साय  ने जल संरक्षण को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भविष्य के लिए हमें पानी बचाना बहुत जरूरी है, आज अगर पानी नही बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ी के लिए जल-संकट की स्थिति निर्मित हो जाएगी। अपने वक्तव्य में जल जागृति – जल जागरूकता कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जल संरक्षण के लिए यह कार्यक्रम बहुत सराहनीय है, वाटर हीरो नीरज वानखड़े एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए जल संरक्षण के कार्यों को लगातार जारी रखने हेतु प्रेरित किया। प्रतिदिन  छोटी छोटी आदतों को अपनी दिनचर्या में सम्मिलित कर हम पानी की बर्बादी को रोक सकते हैं – जैसे नल को खुला नहीं छोड़ना, पानी का सही उपयोग करना, पानी की खपत कम करना, वर्षा जल का संचयन करना, पानी के स्रोत के आसपास गंदगी नहीं फैलाना, सोखता गड्ढा बनवाना आदि। हम प्रकृति पूजक है, इसका संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। जल संरक्षण और संचयन आज हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता है और ऐसे में हम सभी का सम्मिलित प्रयास अति आवश्यक है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि अपने आने वाले भविष्य के लिए शपथ ले कि जल का उचित उपयोग करेंगे और जल की बचत करेंगे, अधिक से अधिक पौधें लगाकर प्रकृति की रक्षा करेंगे।

Jashpur