छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा की पुलिस ने मिलकर घेरने की बनाई तैयारी, 231 झारखंडी और 40 ओडिशा के संदिग्धों की सूची पर भी चर्चा… बॉर्डर मीटिंग में किन अपराधियों और तस्करों पर गिरी गाज?

छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा की पुलिस ने मिलकर घेरने की बनाई तैयारी, 231 झारखंडी और 40 ओडिशा के संदिग्धों की सूची पर भी चर्चा… बॉर्डर मीटिंग में किन अपराधियों और तस्करों पर गिरी गाज?

03 राज्यों की पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त बैठक,

गांजा तस्करी, गौ तस्करी से लेकर अवैध धान परिवहन तक सीमाओं पर बढ़ेगी सख्ती, तीन राज्यों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने अंतरराज्यीय बार्डर मीटिंग में बनाई संयुक्त कार्ययोजना,

अंतरराज्यीय बार्डर मीटिंग में अवैध गांजा तस्करी, धान एवं खनिज के अवैध परिवहन तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए बनी संयुक्त रणनीति,

छत्तीसगढ़, झारखंड एवं ओडिशा राज्यों के सीमावर्ती जिलों की पुलिस के बीच आपसी समन्वय, सहयोग एवं सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर दिया गया जोर।

जशपुर : अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों, गांजा तस्करी, गौ तस्करी, अवैध धान परिवहन एवं आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़, झारखंड एवं ओडिशा के सीमावर्ती जिलों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बार्डर मीटिंग आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में आयोजित की गई। बैठक में डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह सहित पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति रही।

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, मादक पदार्थों एवं अन्य सामग्रियों की तस्करी रोकने, अवैध धान एवं खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने तथा अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही तीनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान एवं संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

 जशपुर जिला झारखंड एवं ओडिशा सहित छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों से जुड़ा हुआ है। भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील इन क्षेत्रों में अपराधियों की आवाजाही, अवैध गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, गौ-तस्करी, अवैध खनिज परिवहन तथा धान की अवैध खरीदी एवं परिवहन जैसी गतिविधियों की रोकथाम के लिए सीमावर्ती थाना एवं चैकी क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों तथा अंतरराज्यीय चेकपोस्ट का विस्तृत परीक्षण किया गया।

बैठक में प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत चर्चा कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की गई:-

1. अवैध गांजा एवं मादक पदार्थों की तस्करी पर रोकथाम:-

ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ राज्य के मध्य हो रही अवैध गांजा तस्करी पर प्रभावी रोकथाम के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। ओडिशा राज्य से तस्करों द्वारा गांजा की तस्करी कर अन्य जिलों एवं राज्यों में ले जाने की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ओडिशा के सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों द्वारा अधिक से अधिक चेकपोस्ट स्थापित कर आने-जाने वाले वाहनों की सघन एवं बारीकी से जांच करने पर जोर दिया गया। साथ ही गांजा तस्करों का डेटाबेस तैयार करने, तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी अन्य जिलों के साथ साझा करने तथा उनके विरुद्ध समन्वित कार्रवाई करने पर चर्चा की गई।

2. सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एवं अतिरिक्त चेकपोस्ट की स्थापना:-

सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के संबंध में अधिकारियों द्वारा चर्चा की गई। सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त चेकपोस्ट एवं नाकाबंदी स्थल स्थापित कर आने-जाने वाले वाहनों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की बारीकी से जांच करने और संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने पर जोर दिया गया। नियमित चेकिंग एवं प्रभावी निगरानी व्यवस्था के माध्यम से अवैध तस्करी के संभावित मार्गों को अवरुद्ध करने की रणनीति पर चर्चा की गई।

3. स्थायी वारंटियों एवं अपराधियों की धरपकड़:-

सीमावर्ती जिलों के निगरानी बदमाशों, माफियाओं, गुंडा-बदमाशों एवं स्थायी वारंटियों की सूची व्हाट्सएप के माध्यम से एक-दूसरे के साथ साझा करने तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने पर चर्चा की गई। अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने, उनकी वर्तमान लोकेशन एवं आपराधिक गतिविधियों की जानकारी साझा करने तथा दूसरे राज्य में निवासरत अपराधियों की धरपकड़ के लिए आपसी सहयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार झारखंड राज्य से संबंधित 231 तथा ओडिशा राज्य से संबंधित 40 व्यक्तियों की सूची का विवरण प्रस्तुत किया गया। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में बलरामपुर के 10, सरगुजा के 76 एवं रायगढ़ के 34 व्यक्तियों की सूची का विवरण भी प्रस्तुत किया गया।

4. गौ-तस्करी एवं अवैध खनिज परिवहन पर नियंत्रण:-

 छत्तीसगढ़, झारखंड एवं ओडिशा से जुड़े गौ-तस्करी के संभावित मार्गों को चिन्हांकित कर तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती राज्यों के रास्ते खनिज एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की अवैध तस्करी कर अन्य जिलों में परिवहन किए जाने की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के संबंध में चर्चा की गई।

5. धान की अवैध तस्करी एवं परिवहन पर प्रभावी रोकथाम:-

आगामी दिनांक 15 नवंबर 2026 से छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा धान खरीदी प्रारंभ किए जाने के मद्देनजर अन्य प्रदेशों से बिचैलियों द्वारा अवैध रूप से धान की तस्करी कर छत्तीसगढ़ में खपाए जाने की आशंका को देखते हुए प्रभावी रणनीति तैयार करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त चेकपोस्ट स्थापित करने, धान परिवहन करने वाले वाहनों की सघन जांच करने, संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा अन्य प्रदेशों से अवैध रूप से धान लाकर खपाने वाले बिचैलियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपसी समन्वय से प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

6. सीमावर्ती जिलों के मध्य आपसी समन्वय एवं सूचना तंत्र मजबूत करना:-

सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों के मध्य आपसी सामंजस्य, सहयोग एवं सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के माध्यम से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों की धरपकड़, अवैध तस्करी की रोकथाम तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। सभी जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार त्वरित एवं संयुक्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

7. अंतरराज्यीय एवं अंतरजिला अपराधों का त्वरित निराकरण:-

सीमावर्ती क्षेत्रों में घटित विभिन्न प्रकार के अपराधों के मामलों में आपसी समन्वय स्थापित कर अपराधियों की पतासाजी, त्वरित गिरफ्तारी एवं प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। अपराधियों एवं अवैध गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान कर आवश्यकतानुसार संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध एवं तस्करी पर रहेगी विशेष निगरानी:-

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अंतरराज्यीय सीमाओं का लाभ उठाकर अपराध करने वाले व्यक्तियों एवं संगठित तस्करी में संलिप्त गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी सीमावर्ती जिलों की पुलिस आपसी समन्वय एवं सहयोग से कार्य करे। सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित चेकिंग, संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की जांच, स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी तथा अवैध तस्करी से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा।

जशपुर पुलिस द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने, अवैध तस्करी के मार्गों को अवरुद्ध करने तथा अंतरराज्यीय अपराधों में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। जशपुर पुलिस का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों को अपराध एवं अवैध गतिविधियों से मुक्त बनाना तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को और अधिक मजबूत करना है।

उक्त मीटिंग डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिला कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल, अपर कलेक्टर बलरामपुर श्री अनिल कुमार सिदार, अपर कलेक्टर सरगुजा श्री पी.व्ही. खेस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री अनिल कुमार सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री राकेश कुमार पाटनवार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलरामपुर-रामानुजगंज श्री विश्वदीपक त्रिपाठी, एसडीओपी जशपुर श्री निमितेश सिंह, एसडीओपी कुनकुरी श्री राजेश साहू, एसडीओपी पत्थलगांव डाॅ. धुर्वेश कुमार जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक श्री के.आर. चौहान, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती आषा तिर्की, उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश कुमार समरथ, उप पुलिस अधीक्षक श्री सुभम तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक गुमला श्रीमती अर्चना खलखो, उप पुलिस अधीक्षक सिमडेगा श्री रणवीर सिंह, तहसीलदार सुंदरगढ़ श्री शास्वत रंजन सहित थाना प्रभारी जारी निरीक्षक सन्नी कुजूर, थाना प्रभारी रायडीह संदीप कुमार यादव, थाना प्रभारी मुफ्फसिली (सिमडेगा) निरीक्षक विवेक कुमार, थाना प्रभारी केरसई निरीक्षक प्रदीप कुमार सहित जशपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के थाना/चौकी प्रभारीगण उपस्थित रहे।

Crime Jashpur