बस्तर जिले के 93 शासकीय विद्यालयों को 100 प्रतिशत बोर्ड परीक्षा परिणाम के लिए किया गया सम्मानित
जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने प्राचार्यों की भूमिका को सराहा, कहा- विद्यालय की सफलता के केंद्र में होता है प्राचार्य का कुशल नेतृत्व
जगदलपुर : कार्यालय कलेक्टर, जिला प्रशासन बस्तर एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले जिले के शासकीय विद्यालयों एवं उनके प्राचार्यों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कलेक्टर बस्तर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन एवं जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में जिले के 93 शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल तथा विशिष्ट अतिथि ए.आर. नोनहरे, श्रीमती स्नेहलता दीवान एवं एम. काछी उपस्थित रहे।
प्राचार्य का नेतृत्व ही विद्यालय की सफलता का आधार :- कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने कहा कि बस्तर जिले का बोर्ड परीक्षा परिणाम सभी प्राचार्यों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। जिले ने राज्य स्तर पर छठवां स्थान प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जो पूरे शिक्षा परिवार के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, परीक्षा परिणाम एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्राचार्य की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि एक प्राचार्य केवल विद्यालय का प्रशासनिक प्रमुख नहीं होता, बल्कि वह शिक्षक दल का नेतृत्वकर्ता, विद्यार्थियों का मार्गदर्शक और अभिभावकों तथा समुदाय के बीच महत्वपूर्ण कड़ी भी होता है। प्राचार्य की कार्ययोजना, नियमित मॉनिटरिंग, शिक्षकों के साथ समन्वय, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान तथा समयबद्ध पाठ्यक्रम पूर्ण कराने की पहल विद्यालय के परीक्षा परिणाम को प्रभावित करती है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सभी प्राचार्य इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ आगामी सत्र में भी कार्य करेंगे।
शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों में बस्तर की उपलब्धियों पर जताई खुशी :- जिला शिक्षा अधिकारी ने एनएमएमएस, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, विज्ञान मॉडल, इंस्पायर अवार्ड सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं विज्ञान आधारित प्रतियोगिताओं में बस्तर जिले के विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्काउट-गाइड, जूनियर रेडक्रॉस, इको क्लब, सांस्कृतिक एवं अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों में जिले की बढ़ती सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण एवं मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है।
आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की कार्ययोजना :- कार्यक्रम में आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग का उद्देश्य बस्तर जिले के परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाते हुए प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर ठोस कार्ययोजना तैयार करने, विषयवार परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करने, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उपचारात्मक शिक्षण संचालित करने तथा मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही नियमित टेस्ट, प्री-बोर्ड परीक्षाओं, उत्तर लेखन अभ्यास, पाठ्यक्रम की समयबद्ध पूर्णता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा पालकों से सतत संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई। प्राचार्यों से कहा गया कि वे शिक्षकों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करें तथा प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति पर व्यक्तिगत ध्यान दें। जिला स्तर पर भी विद्यालयों के परीक्षा परिणाम एवं शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा और आवश्यक मार्गदर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर दिया प्रेरणादायी संदेश :- विशेष संयोग रहा कि जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल का यह सेवाकाल का अंतिम दिवस भी था। इस अवसर पर उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए उपस्थित प्राचार्यों एवं शिक्षकों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, ईमानदारी और समर्पण ही शिक्षा के क्षेत्र में स्थायी उपलब्धियां दिलाते हैं। सभी शिक्षक एवं प्राचार्य बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को अपना लक्ष्य बनाकर कार्य करें। प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
समारोह में 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले 93 शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों का सम्मान किया गया। यह सम्मान केवल एक परीक्षा परिणाम की उपलब्धि नहीं, बल्कि विद्यालयों में प्राचार्यों के नेतृत्व, शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों के अनुशासन और अभिभावकों के सहयोग का प्रतीक है।
कार्यक्रम ने बस्तर जिले के शैक्षणिक वातावरण को और बेहतर बनाने तथा आगामी बोर्ड परीक्षाओं में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्राचार्यों एवं शिक्षकों को नई प्रेरणा प्रदान की।

