साइबर ठगी के खिलाफ सरगुजा पुलिस का 49 दिन का महाअभियान बना मिसाल: 8,227 कार्यक्रमों से 2,74,247 नागरिक हुए जागरूक, साइबर रक्षा सूत्र से मटका फोड़ तक अनूठी पहल; सरगुजा रेंज में साइबर जागरूकता के क्षेत्र में पुलिस अव्वल

साइबर ठगी के खिलाफ सरगुजा पुलिस का 49 दिन का महाअभियान बना मिसाल: 8,227 कार्यक्रमों से 2,74,247 नागरिक हुए जागरूक, साइबर रक्षा सूत्र से मटका फोड़ तक अनूठी पहल; सरगुजा रेंज में साइबर जागरूकता के क्षेत्र में पुलिस अव्वल

डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में सरगुजा पुलिस ने 49 दिन में लगभग 2.74 लाख लोगों तक पहुंचाया साइबर सुरक्षा का संदेश।

सरगुजा पुलिस ने रेंज के सभी जिलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए साइबर जागरूकता के क्षेत्र में पहले नंबर पर बनायीं अपनी जगह।

सरगुजा पुलिस द्वारा अभियान के दौरान कुल ​8,227 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का किया गया आयोजन।

रक्षाबंधन एवं जन्माष्टमी (मटका फोड़) जैसे आयोजनों से गांव-शहर तक पहुंचाया साइबर सुरक्षा का संदेश।

पुलिस टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों, शासकीय कार्यालयों, पंचायत भवनों तथा सार्वजनिक स्थलों पर जाकर चौपाल और संवाद कार्यक्रमों का किया आयोजन।

अभियान से प्रत्येक नागरिक को इतना सक्षम और जागरूक बनाया गया कि वे खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी साइबर ठगी से बचा सकें।

अम्बिकापुर : बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आम जनता को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए ‘साइबर जागृति अभियान’ में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में सरगुजा पुलिस ने पूरे सरगुजा रेंज के सभी जिलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए साइबर जागरूकता के क्षेत्र में पहले नंबर पर अपनी जगह बनाने में कामयाबी हासिल कि है, ​अभियान के दौरान पुलिस की टीमों ने जिले के कोने-कोने में पहुंचकर कुल 8,227 जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन व्यापक कार्यक्रमों के माध्यम से 2,74,247 नागरिकों को सीधे जोड़कर उन्हें साइबर सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता का संदेश दिया गया और जागरूक किया गया।

रक्षाबंधन पर्व के दौरान आयोजित ‘साइबर रक्षा सूत्र’ ​अभियान के दौरान सरगुजा पुलिस की टीमों ने नागरिकों और बहनों की कलाई पर साइबर सुरक्षा संदेशों से युक्त ‘साइबर रक्षा सूत्र’ (राखी) बांधकर उन्हें साइबर ठगी से सुरक्षित रहने का संकल्प दिलाया। त्यौहार के माहौल में इस पहल ने आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा और बड़े पैमाने पर लोगों को जागरूक किया।

न्माष्टमी के दौरान आयोजित ​’मटका फोड़’ कार्यक्रम के जरिए साइबर फ्रॉड के खिलाफ संदेश:- ​जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सरगुजा पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन में आम नागरिकों को साइबर अपराधों के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया गया। इस अनूठे आयोजन के माध्यम से बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं और नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचने के टिप्स दिए गए।

​रेंज में अव्वल रही सरगुजा पुलिस :- ​सरगुजा पुलिस रेंज के सभी जिलों में इस अभियान में सरगुजा पुलिस का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में पुलिस की विशेष टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों, शासकीय कार्यालयों, पंचायत भवनों तथा सार्वजनिक स्थलों पर जाकर चौपाल और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया।

​हर वर्ग तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश​ :- इस विशेष अभियान के तहत समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए जागरूक किया गया

​विद्यार्थी एवं युवा:- स्कूल और कॉलेजों में सेमिनार आयोजित कर सोशल मीडिया हैकिंग, गेमिंग फ्रॉड और ऑनलाइन बुलिंग से बचाव के तरीके बताए गए।

​वरिष्ठ नागरिक एवं गृहिणी:- डिजिटल बैंकिंग, OTP, UPI PIN तथा फर्जी कॉल/लिंक से सावधान रहने की जानकारी दी गई।

​ग्रामीण क्षेत्र:- ‘साइबर ग्राम चौपाल’ के जरिए दूरदराज़ के ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों के प्रति सतर्क किया गया। इसके अतिरिक्त, वित्तीय अपराधों जैसे—KYC अपडेट फ्रॉड, शेयर मार्केट एवं ट्रेडिंग फ्रॉड, जॉब फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट तथा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

​”ठगी होते ही तुरंत 1930 पर करें कॉल”:- सरगुजा पुलिस की अपील

​सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि:-

​कभी भी अपना OTP, UPI PIN, बैंक पासवर्ड या कार्ड की जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।

​किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

​यदि किसी कारणवश साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

​सरगुजा पुलिस का यह संकल्प है कि यह अभियान केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर हर नागरिक को इतना सक्षम और जागरूक बनाएगा कि वे खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी साइबर ठगी से बचा सकें।

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