मारपीट, धमकी, बलवा, चोरी, जुआ, शासकीय कार्य में बाधा और हत्या के प्रयास जैसे मामलों का रिकॉर्ड, हरेराम प्रसाद जिलाबदर; जिला दण्डाधिकारी के आदेश पर दुर्ग सहित 7 जिलों से एक वर्ष के लिए बाहर रहने का निर्देश

मारपीट, धमकी, बलवा, चोरी, जुआ, शासकीय कार्य में बाधा और हत्या के प्रयास जैसे मामलों का रिकॉर्ड, हरेराम प्रसाद जिलाबदर; जिला दण्डाधिकारी के आदेश पर दुर्ग सहित 7 जिलों से एक वर्ष के लिए बाहर रहने का निर्देश

जिले में शांति अवस्था बनाए रखने के लिए गुंडा बदमाशों को दुर्ग पुलिस के द्वारा लगातार जिला बदर की कार्यवाही करवाई जा रही है , इसी क्रम में लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हरेराम प्रसाद जिलाबदर, दुर्ग सहित 07 जिलों की सीमा में एक वर्ष तक प्रवेश प्रतिबंधित

जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग द्वारा उपलब्ध आपराधिक अभिलेखों एवं पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर हरेराम प्रसाद के विरुद्ध जिलाबदर आदेश पारित किया गया।

हरेराम प्रसाद के विरुद्ध वर्ष 1999 से विभिन्न आपराधिक एवं प्रतिबंधात्मक प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख जिलाबदर आदेश में किया गया है।

पुलिस प्रतिवेदन में मारपीट, धमकी, बलवा, चोरी, जुआ, शासकीय कार्य में बाधा तथा हत्या के प्रयास जैसे प्रकरणों का उल्लेख है।

जिला दण्डाधिकारी के आदेशानुसार हरेराम प्रसाद को आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर निर्धारित जिलों की सीमाओं से बाहर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश दिनांक 01.10.2026 से एक वर्ष तक दुर्ग सहित रायपुर, धमतरी, बेमेतरा, बालोद, राजनांदगांव एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

दुर्ग : थाना सुपेला क्षेत्र निवासी हरेराम प्रसाद के विरुद्ध लंबे समय से दर्ज आपराधिक एवं प्रतिबंधात्मक प्रकरणों को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के अंतर्गत जिलाबदर की कार्यवाही की गई है।

थाना सुपेला क्षेत्र के कॉन्ट्रेक्टर कॉलोनी निवासी हरेराम प्रसाद के विरुद्ध पुलिस द्वारा उपलब्ध आपराधिक अभिलेखों एवं पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों का विवरण संकलित कर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। जिलाबदर आदेश में वर्ष 1999 से अनावेदक के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।

पुलिस प्रतिवेदन एवं प्रकरण में उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग द्वारा दिनांक 01.10.2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के अंतर्गत जिलाबदर आदेश पारित किया गया। आदेश में उल्लेखित आपराधिक गतिविधियों के कारण सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह कार्यवाही की गई है।

मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)

जिलाबदर आदेश में दर्ज पुलिस प्रतिवेदन के अनुसार अनावेदक के विरुद्ध अलग-अलग समय पर मारपीट, गाली-गलौज, लोगों को डराने-धमकाने, बलवा, चोरी, जुआ, शासकीय कार्य में बाधा तथा हत्या के प्रयास जैसी आपराधिक गतिविधियों से संबंधित प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख है।

आपराधिक/प्रतिबंधात्मक प्रकरणों का विवरण

जिला दण्डाधिकारी के आदेश में हरेराम प्रसाद के विरुद्ध निम्न प्रकरणों का उल्लेख किया गया है:

1. अपराध क्रमांक 450/1999, धारा 341, 294, 506-बी, 323, 34 भादवि।

2. इस्तगासा क्रमांक 119/2000, धारा 107, 116(3) जा.फौ.

3. अपराध क्रमांक 240/2000, धारा 294, 506-बी, 324, 34 भादवि।

4. इस्तगासा क्रमांक 13/2000, धारा 110 जा.फौ.

5. अपराध क्रमांक 389/2000, धारा 147, 148, 149, 294, 506-बी, 34 भादवि।

6. अपराध क्रमांक 122/2001, धारा 452, 294, 506-बी, 323, 34 भादवि।

7. इस्तगासा क्रमांक 188/2004, धारा 110 जा.फौ.

8. अपराध क्रमांक 99/2006, धारा 380, 456 भादवि।

9. अपराध क्रमांक 92/2007, धारा 294, 506, 323, 325, 34 भादवि।

10. अपराध क्रमांक 418/2008, धारा 341, 294, 506-बी, 323, 34 भादवि।

11. अपराध क्रमांक 81/2009, धारा 294, 506, 323, 34 भादवि।

12. अपराध क्रमांक 54/2009, धारा 110 जा.फौ.।

13. अपराध क्रमांक 613/2009, धारा 294, 506, 323, 307, 34 भादवि।

14. अपराध क्रमांक 121/11, धारा 294, 506-बी, 186, 353, 332, 34 भादवि।

15. अपराध क्रमांक 806/13, धारा 13 जुआ एक्ट।

16. अपराध क्रमांक 911/14, धारा 13 जुआ एक्ट।

17. अपराध क्रमांक 236/2015, धारा 294, 506-बी, 323, 427, 34 भादवि।

18. अपराध क्रमांक 354/2015, धारा 294, 506-बी, 323, 324, 34 भादवि।

आरोपी/अनावेदक का नाम

हरेराम प्रसाद, निवासी कॉन्ट्रेक्टर कॉलोनी, सुपेला, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।

जिलाबदर एवं प्रतिबंधित जिलों का विवरण

जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग द्वारा पारित आदेश दिनांक 01.10.2026 के अनुसार हरेराम प्रसाद को कुल 07 जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर निर्धारित जिलों की सीमाओं से बाहर चले जाने तथा एक वर्ष की अवधि तक बिना अनुमति इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रतिबंधित जिले :

1. दुर्ग

2. रायपुर

3. धमतरी

4. बेमेतरा

5. बालोद

6. राजनांदगांव

7. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

जिलाबदर की अवधि : 01.10.2026 से एक वर्ष तक, अर्थात सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना उपरोक्त जिलों की सीमाओं में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

सराहनीय कार्य

उक्त कार्यवाही में थाना सुपेला पुलिस द्वारा उपलब्ध आपराधिक अभिलेखों एवं आवश्यक तथ्यों का संकलन कर जिलाबदर कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन तैयार करने में भूमिका रही

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि क्षेत्र में किसी व्यक्ति द्वारा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि, लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट अथवा अन्य आपराधिक गतिविधि किए जाने की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान को नियमानुसार गोपनीय रखा जाएगा। जिलाबदर आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित कानून के तहत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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