OTP, UPI PIN और फर्जी लिंक से सावधान! पाटन की 108 पंचायतों में पुलिस ने खोला साइबर ठगी का ‘राज’, गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को किया डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक

OTP, UPI PIN और फर्जी लिंक से सावधान! पाटन की 108 पंचायतों में पुलिस ने खोला साइबर ठगी का ‘राज’, गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को किया डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक

छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत पाटन अनुभाग की 108 ग्राम पंचायतों में जनजागरूकता कार्यक्रम, पंच-सरपंच एवं स्वसहायता समूहों की रही सक्रिय सहभागिता

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक संचालित साइबर जागृति अभियान के तहत पाटन अनुभाग की 108 ग्राम पंचायतों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पुलिस टीमों द्वारा ग्रामीणों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी एवं डिजिटल लेन-देन में आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई।

अभियान में पंच, सरपंच एवं स्वसहायता समूहों के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए साइबर सुरक्षा का संदेश ग्रामीणों एवं आम नागरिकों तक पहुंचाया।

ग्रामीणों को ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने की समझाइश दी गई।

अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही तथा उपस्थित लोगों ने साइबर जागरूकता के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

दुर्ग : छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत पाटन अनुभाग की 108 ग्राम पंचायतों में पुलिस द्वारा व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

साइबर अपराधों से नागरिकों को जागरूक करने एवं डिजिटल लेन-देन के दौरान आवश्यक सावधानियां अपनाने के उद्देश्य से पाटन अनुभाग की 108 ग्राम पंचायतों में साइबर जागृति अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पाटन अनुभाग के संबंधित थाना स्टाफ द्वारा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

पुलिस द्वारा ग्रामीणों को अनजान फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी बैंक अधिकारी, केवाईसी अपडेट, ऑनलाइन नौकरी, पुरस्कार अथवा अन्य प्रलोभन के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सतर्क रहने की समझाइश दी गई। साथ ही ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के संबंध में बताया गया।

अभियान में पंच, सरपंच एवं स्वसहायता समूहों के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई गई। उपस्थित लोगों द्वारा पुलिस के साइबर जागरूकता अभियान की सराहना की गई।

सायबर अपराधी का मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)

साइबर ठग सामान्यतः फोन कॉल, फर्जी लिंक, ऑनलाइन प्रलोभन, फर्जी बैंक अधिकारी अथवा अन्य माध्यमों से नागरिकों से संपर्क कर गोपनीय जानकारी प्राप्त करने या ऑनलाइन लेन-देन कराने का प्रयास करते हैं। अभियान के दौरान नागरिकों को ऐसे तरीकों की पहचान कर सतर्क रहने की जानकारी दी गई।

सराहनीय कार्य

साइबर जागृति अभियान के दौरान पाटन अनुभाग के संबंधित थाना स्टाफ द्वारा ग्राम पंचायतों में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित किया गया। पंच, सरपंच एवं स्वसहायता समूहों के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता से साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक एवं ऑनलाइन प्रलोभनों से सतर्क रहें। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

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