मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी जिले के विकास कार्यों के लिए 61 करोड़ रुपये की सौगात
सीएसआर मद से खेल, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का हो रहा विस्तार
जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में विकास कार्यों को गति मिल रही है। जिले में शिक्षा, चिकित्सा, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) मद से 61 करोड़ रुपये की सौगात मिली है। इस राशि से जिले में अधोसंरचना विकास के साथ ही महिलाओं और युवाओं को रोजगार एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
जगदेवराम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का हो रहा कायाकल्प
सीएसआर मद से जिला मुख्यालय जशपुर स्थित स्वर्गीय जगदेवराम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से लगभग 35 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इस राशि से अस्पताल के लिए नए भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिसका कार्य अंतिम चरण में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अस्पताल के संचालन के लिए चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कार्यालयीन कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। अस्पताल के शुरू होने से जिलेवासियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकेगी जशपुर की खेल प्रतिभा
जिले के सन्ना क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है। पहाड़ी कोरवा बाहुल्य क्षेत्र में स्थापित होने वाला यह प्रशिक्षण केंद्र जिले के युवा खिलाड़ियों को तीरंदाजी के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करेगा। प्रशिक्षण केंद्र में आधुनिक सुविधाओं के साथ विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। यह केंद्र पूर्णतः आवासीय होगा, जिससे खिलाड़ियों को नियमित एवं बेहतर प्रशिक्षण का वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
प्रशिक्षण के साथ रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर
जशपुर विकासखंड के धोलेंग में आदित्य बिड़ला समूह के सहयोग से हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र संचालित किया जा रहा है। 29 सीटर इस प्रशिक्षण केंद्र में महिलाओं के पहले बैच का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। यहां प्रशिक्षुओं को हथकरघा के माध्यम से तौलिया, शॉल और साड़ी सहित विभिन्न वस्त्र तैयार करने की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्र में टेक्सटाइल लैब की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस लैब में तैयार कपड़ों की गुणवत्ता की जांच के साथ ही स्थानीय युवाओं को लैब टेक्नीशियन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को रोजगार एवं प्लेसमेंट से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
स्कूलों के लिए मजबूत हो रहा बुनियादी ढांचा
सीएसआर मद का उपयोग जिले में स्कूल भवनों के निर्माण एवं शैक्षणिक अधोसंरचना के विकास के लिए भी किया जा रहा है। कांसाबेल विकासखंड के तुरंगाखार प्राथमिक स्कूल भवन के लिए 20 लाख रुपये, फरसाबहार के पंडरीपानी स्कूल भवन के लिए 1 करोड़ 21 लाख रुपये, कंदईबहार में नए स्कूल भवन के लिए 1.21 करोड़ रुपये, बगीचा के टटकेला में स्कूल भवन के लिए 75 लाख रुपये, कुनकुरी के खजूरबहार में नवीन स्कूल भवन के लिए 20 लाख रुपये, लोधमा स्कूल भवन के लिए 1.21 करोड़ रुपये तथा दुलदुला में नए स्कूल भवन के लिए 1 करोड़ 21 लाख रुपये सीएसआर मद से उपलब्ध कराए गए हैं। इन स्कूल भवनों का निर्माण पूर्ण होने से विद्यार्थियों को पुराने एवं असुविधाजनक भवनों से निजात मिलेगी और उन्हें बेहतर, सुरक्षित एवं सर्वसुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। इससे जिले में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी।


