साइबर जागृति अभियान के तहत बीआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 200 से अधिक लोगों ने लिया सहभागिता
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत बीआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज दुर्ग में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 200 नागरिकों एवं उपस्थित प्रतिभागियों को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, बचाव के उपायों और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी गई।
साइबर विशेषज्ञों एवं बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन ठगी, डिजिटल सुरक्षा तथा साइबर अपराध से बचाव से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिया गया।
कार्यक्रम में दुर्ग पुलिस, साइबर विशेषज्ञों, एचडीएफसी बैंक तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
दुर्ग : छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा ऑनलाइन लेन-देन एवं डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।
इसी अभियान के अंतर्गत दिनांक 18.09.2026 को बीआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज, दुर्ग के ऑडिटोरियम में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल सुरक्षा तथा संदिग्ध साइबर गतिविधियों की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में साइबर अपराध से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिया गया तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
वक्तागण
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल
डॉ. संकल्प, साइबर विशेषज्ञ
जावेद, साइबर विशेषज्ञ, दुर्ग पुलिस
अजय भटनागर, बीएम, एचडीएफसी बैंक
सहयोगी संस्थाएं
अग्रवाल यूथ क्लब
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया
एचडीएफसी बैंक
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। बैंकिंग एवं डिजिटल लेन-देन से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करें तथा संबंधित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं।


