NDRF पर साइबर ठगों की नजर से पहले दुर्ग पुलिस ने बजाया अलर्ट! ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, OTP-UPI फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचाव के बताए जरूरी तरीके

NDRF पर साइबर ठगों की नजर से पहले दुर्ग पुलिस ने बजाया अलर्ट! ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, OTP-UPI फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचाव के बताए जरूरी तरीके

NDRF अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए किया गया जागरूक, साइबर जागृति अभियान के तहत आयोजित हुआ विशेष जागरूकता सत्र

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के क्रम में पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6, भिलाई में NDRF अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।

सत्र में ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, OTP/UPI फ्रॉड, फर्जी KYC, सोशल मीडिया फ्रॉड एवं डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों की पहचान और उनसे बचाव के उपाय बताए गए।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों को OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने तथा संदिग्ध लिंक और कॉल से सावधान रहने की जानकारी दी गई।

साइबर वित्तीय ठगी होने की स्थिति में बिना विलंब हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया।

दुर्ग : छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत निर्धारित अवधि में विभिन्न विभागों, संस्थानों एवं आम नागरिकों के बीच साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6, भिलाई में NDRF के अधिकारियों एवं अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।

सत्र के दौरान वर्तमान समय में प्रचलित साइबर अपराधों, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, ऑनलाइन लेनदेन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत करने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। विशेष रूप से 1930 हेल्पलाइन पर तत्काल सूचना देने के महत्व को समझाया गया, ताकि वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

कार्यक्रम का उद्देश्य

साइबर जागृति अभियान के माध्यम से नागरिकों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को साइबर अपराधों के नए तरीकों की जानकारी देकर उन्हें डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं सतर्क उपयोग करने के लिए जागरूक करना है।

कार्यक्रम में जागरूकता प्रदान करने वाले अधिकारी

उप निरीक्षक डॉ. संकल्प, नोडल अधिकारी साइबर क्राइम अवेयरनेस, दुर्ग पुलिस द्वारा जागरूकता सत्र लिया गया।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन लेनदेन करते समय सतर्क रहें। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, PIN, पासवर्ड, CVV अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर वित्तीय ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें तथा संबंधित बैंक को भी सूचित करें।

साइबर अपराध के प्रति जागरूकता ही सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की पहली कड़ी है।

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