दिनांक 16.07.2026 को रथ मेला के दौरान अपने परिजनों के साथ कस्तूरा रथ मेला देखने गई महिला के गले से चुरा लिए थे सोने की चेन, मामला थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत ग्राम कस्तूरा का.
मामले में पुलिस ने प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना दुलदुला में अपराध क्रमांक 46/26 व बीएनएस की धारा 303(2) के तहत किया था अपराध पंजीबद्ध.
मेला के दौरान ड्रोन कैमरा से बनाए गए वीडियो फुटेज से पुलिस को मिले आरोपी महिलाओं के संबंध में अहम सुराग, की गई थी संदिग्धों की फोटो सर्कुलेट.
अंततः पुलिस ने मामले में दो संदिग्ध महिला आरोपियों को धर दबोचा
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई करीब 17-18 ग्राम वजनी सोने की चैन, कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये, बरामद कर किया जप्त.
नाम गिरफ्तार आरोपिया – 1 – सोनिया बाई उम्र 30 वर्ष, 2 – अनिता बाई उम्र 35 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम पत्ताकेला, बगीचा(थाना बगीचा) जशपुर छग.
जशपुर : जशपुर के कस्तूरा रथ मेला में भीड़ का फायदा उठाकर महिला के गले से सोने की चेन उड़ाने के मामले में दुलदुला पुलिस ने दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने ड्रोन कैमरे से मिले वीडियो फुटेज को खंगालकर संदिग्ध महिलाओं की पहचान की और उनकी पतासाजी शुरू की, पूछताछ में दोनों ने चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से करीब 17-18 ग्राम वजनी सोने की चेन, जिसकी कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये है, बरामद हुई है।
जानकारी के अनुसार प्रकरण का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थिया सरमा देवी, निवासी सन्ना रोड जशपुर द्वारा दिनांक 16.07.2026 को थाना दुलदुला में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि वह ग्राम कस्तूरा में आयोजित श्री जगन्नाथ रथ यात्रा मेला में अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गई थी। प्रार्थिया ने अपने गले में करीब 17 ग्राम वजनी सोने की चैन पहन रखी थी। मेला में अत्यधिक भीड़ के दौरान प्रार्थिया ने देखा कि उसके गले में पहनी हुई सोने की चैन गायब थी। किसी के द्वारा भीड़ का फायदा उठाकर उसके गले से सोने की चैन चोरी कर ली गई थी। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना दुलदुला में अपराध क्रमांक 46/26 व बीएनएस की धारा 303(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम द्वारा की गई लगातार पतासाजी –
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान जशपुर उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार के दिशा निर्देश में आरोपियों की शीघ्र पतासाजी हेतु लगातार कार्यवाही की जा रही थी।
ड्रोन कैमरा फुटेज से मिला महत्वपूर्ण सुराग –
पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जशपुर निमितेष सिंह के मार्गदर्शन में थाना दुलदुला पुलिस की विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि उक्त घटना के दिन मेला स्थल पर ड्रोन कैमरा के माध्यम से वीडियो एवं फोटो शूट किया जा रहा था। पुलिस टीम द्वारा ड्रोन कैमरा संचालक से संपर्क कर घटना दिनांक को शूट किए गए समस्त वीडियो फुटेज प्राप्त किए गए। पुलिस द्वारा वीडियो फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया गया तथा प्रार्थिया के आसपास संदिग्ध रूप से सटकर खड़ी महिलाओं की पहचान एवं पतासाजी शुरू की गई। पुलिस ने प्रार्थिया के आस पास खड़े संदिग्ध महिलाओं के फोटो प्राप्त कर उन्हें विभिन्न माध्यमों से प्रसारित करते हुए लगातार पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से जानकारी प्राप्त हुई कि वीडियो फुटेज में प्रार्थिया के आसपास खड़ी संदिग्ध महिलाएं सोनिया बाई एवं अनिता बाई, ग्राम पत्ताकेला, बगीचा की रहने वाली हैं। पुलिस टीम द्वारा दोनों महिलाओं की पतासाजी कर उन्हें हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में चोरी की घटना करना किया स्वीकार, सोने की चैन बरामद –
पुलिस द्वारा दोनों संदिग्ध महिलाओं से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उन्होंने अपने एक अन्य महिला साथी, जिसे कि पुलिस ने चिन्हित कर लिया है, के साथ भीड़ का फायदा उठाते हुए प्रार्थिया के गले से सोने की चैन चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी महिलाओं के कब्जे से प्रार्थिया की चोरी गई करीब 17-18 ग्राम वजनी सोने की चैन, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये है, बरामद कर विधिवत जप्त की गई।
मामले में आरोपियों के द्वारा अपराध घटित किया जाना पाए जाने पर आरोपी सोनिया बाई उम्र 30 वर्ष एवं अनिता बाई उम्र 35 वर्ष को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
प्रकरण में सम्मिलित एक अन्य आरोपिया जो कि घटना के बाद से फरार है, जिसकी पुलिस द्वारा लगातार पतासाजी की जा रही है, जिसे शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।
इस प्रकरण की कार्यवाही में उपनिरीक्षक सुनील सिंह – थाना प्रभारी दुलदुला, सहायक उपनिरीक्षक सामुदान टोप्पो, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक शेखर सिंह राजपूत, महिला प्रधान आरक्षक चम्पा पैकरा, आरक्षक सपना इंदवार, आरक्षक आनंद खलखो एवं थाना दुलदुला के अन्य पुलिस स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


