रायपुर के नवाचारों का असम में बजेगा डंका! सरकारी सेवाओं को आसान बनाने वाले मॉडल देखने पहुंची टीम, कहा—इनसे सीखकर असम में करेंगे बदलाव

रायपुर के नवाचारों का असम में बजेगा डंका! सरकारी सेवाओं को आसान बनाने वाले मॉडल देखने पहुंची टीम, कहा—इनसे सीखकर असम में करेंगे बदलाव

रायपुर के नवाचारों को देखने पहुंची असम की टीम, जाना कैसे मिल रहा लोगों को फायदा

नवाचार सरकारी सेवाओं को आमजनों के लिए बेहतर बनाने में उपयोगी साबित हो रहे – टीम

रायपुर  :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश तथा कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिला प्रशासन द्वारा आम लोगों की सुविधा और बेहतर सेवाओं के लिए किए जा रहे नवाचारों और पहलों को देखने के लिए असम से एक टीम रायपुर पहुंची। टीम ने जिले में चल रहे अलग-अलग नवाचारों को देखा और उनके काम करने के तरीके को करीब से समझा।

असम की टीम ने प्रोजेक्ट पुनर्जीवन, बीपीओ, प्रोजेक्ट सुरक्षा, कलेक्टर जनदर्शन, कॉल सेंटर, दिव्यांग गैरेज, प्रोजेक्ट पालना, तक्षशिला लाइब्रेरी, प्रोजेक्ट लाइफस्टाइल, प्रोजेक्ट रचना, आईटीआई सड्डू, नुक्कड़ कैफे, प्रोजेक्ट अजा, नालंदा परिसर और कला केंद्र सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों का भ्रमण किया।

इस दौरान अधिकारियों ने टीम को बताया कि इन योजनाओं की शुरुआत क्यों की गई, ये कैसे काम करती हैं और इनसे आम लोगों को किस तरह लाभ मिल रहा है। टीम ने मौके पर इन पहलों को देखा और संबंधित अधिकारियों से जानकारी भी ली। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन उपस्थित थे।

असम की टीम ने रायपुर में किए जा रहे इन प्रयासों की सराहना की। टीम के सदस्यों ने कहा कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर शुरू किए गए ये नवाचार लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने में उपयोगी साबित हो रहे हैं।

टीम ने कहा कि रायपुर में किए जा रहे कई अच्छे प्रयोगों से उन्हें सीखने का अवसर मिला है। इनसे मिले अनुभव और विचारों को असम में भी जरूरत के अनुसार लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

असम से आए प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ शासन का सहयोग, मार्गदर्शन और आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया।

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