तलवार से खौफनाक हत्या का कोर्ट में हुआ हिसाब! गणेशराम बर्मन पर किए थे बेरहमी से कई वार, जांजगीर कोर्ट ने आरोपी अशोक धीवर को दो-दो बार उम्रकैद के साथ लगाया जुर्माना

तलवार से खौफनाक हत्या का कोर्ट में हुआ हिसाब! गणेशराम बर्मन पर किए थे बेरहमी से कई वार, जांजगीर कोर्ट ने आरोपी अशोक धीवर को दो-दो बार उम्रकैद के साथ लगाया जुर्माना

तलवार से प्राणघातक हमलाकर हत्या करने वाले आरोपी को (दो बार) आजीवन कारावास की सजा माननीय जयदीप गर्ग, सेशन जज, जांजगीर का फैसला

जांजगीर : लोहे के तलवार से प्राणघातक हमलाकर हत्या करने आरोपी को भा.द.सं. की धारा 302 के अपराध के लिए आजीवन कारावास व 10000/-रू० के अर्थदण्ड तथा आयुध अधिनियम की धारा 27 के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 10000/- रू० के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। मामला मुलमुला थाना अंतर्गत ग्राम कोसा का है।

संदीप सिंह बनाफर, लोक अभियोजक, जांजगीर के बताये अनुसार दिनांक 17.01.2024 को सूचक घनाराम बर्मन ने मुलमुला थाना में सूचना दिया कि उसके रिश्ते का भतीजा गणेशराम बर्मन दिनांक 17.01.2024 को गांव के राजू बर्मन के घर से खाना खाकर आ रहा था कि करीब 2 बजे उसके पड़ोस का रहने वाला अशोक धीवर अपने हाथ में एक तलवार लेकर सड़क पर खड़ा था जो गणेशराम बर्मन को दौड़ाकर सिर में वार किया। जिससे गणेशराम बर्मन सड़क पर गिर गया। उसके बाद अशोक ने कई बार तलवार से गणेशराम को मारा, जिससे मौके पर उसकी मृत्यु हो गयी। सूचक चिल्लाते हुए मौके पर गया तो अशोक कुमार धीवर तलवार को लेकर अपने घर चला गया। सूचक घनाराम बर्मन की सूचना पर बिना नंबरी अकाल एवं आकस्मिक मृत्यु की सूचना एवं देहाती नालसी दर्ज किया गया। पश्चात में थाना मुलमुला में नंबरी मर्ग कमांक 4/24 पंजीबद्ध किया गया। घटना स्थल का नजरी नक्शा तैयार किया गया। मृतक के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ भेजा गया। शव परीक्षण में डाक्टर ने पाया कि मृतक की खोपड़ी पूरी टूटी हुई एवं खुली हुई थी। ब्रेन की टिश्यु बाहर निकले हुए थे। मृतक का बाया कान कटा हुआ था तथा बांया आंख बाहर निकली हुई थी। मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक थी।

अभियुक्त अशोक धीवर के पेश करने पर हत्या में प्रयुक्त लोहे का तलवार एवं उसके घटना के समय पहने हुए कपड़े जिसमें खून लगा हुआ को जप्त किया गया। तत्पश्चात अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। मर्ग जांच एवं कार्यवाही उपरांत प्रश्थम सूचना रिपोर्ट कमांक 31/24 अंतर्गत धारा 302 भा.द.सं. का अपराध थाना मुलमुला में दर्ज किया गया। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन की ओर से कुल 15 साक्षियों का कथन कराया गया ।

जिनके साक्ष्य के माध्यम से यह प्रमाणित किया गया है कि अभियुक्त अशोक कुमार धीवर ने लोहे के तलवार से मारकर भणेशराम बर्मन पर प्राणघातक हमला कर हत्या किया।

अभियोजन ने तर्क प्रस्तुत किया कि अभियुक्त पर लोहे के तलवार से प्राणघातक हमला कर जघन्य हत्या कारित करने का गंभीर अपराध प्रमाणित हुआ है। अतः उसे कठोर से कठोर दंड दिया जावे।

संपूर्ण अभियोजन साक्षियों का कथानक लिये जाने के पश्चात अभियोजन साक्षियों के न्यायालयीन कथनों के विश्लेषण कर माननीय जयदीप गर्ग, सेशन जज, जांजगीर द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध सिद्धदोष अपराध की प्रकृति तथा विधि द्वारा नियत सजा को देखते हुए अभियुक्त अशोक कुमार धीवर पिता स्व० मोतीलाल धीवर उम्र 39 वर्ष निवासी ग्राम कोसा, थाना मुलमुला जिला जांजगीर-चांपा (छ०ग०) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 10,000/- रू० के अर्थदण्ड से तथा आयुध अधिनियम की धारा 27 के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 10,000/-रू० के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। वहीं अभियुक्त द्वारा अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर 6-6 माह का सश्रम कारावास पृथक से भुगताये जाने का आदेश दिया गया है।

उक्त प्रकरण में अभियोजन की ओर से संदीप सिंह बनाफर लोक अभियोजक, जांजगीर ने पैरवी की।

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