पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने अपराध समीक्षा बैठक ली, लंबित मामलों के निराकरण के दिए कड़े निर्देश।
बीट पुलिसिंग मजबूत करने और सीसीटीव्ही नेटवर्क बढ़ाने पर जोर।
सिर्फ एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं, आरोपी को सजा दिलाना हमारा लक्ष्य-पुलिस अधीक्षक सूरजपुर।
सूरजपुर : पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल (भापुसे) ने जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में अपराध की स्थिति, लंबित प्रकरणों एवं पुलिसिंग की विस्तृत समीक्षा कर प्रत्येक प्रकरण में गंभीरता से कार्य करते हुए अपराध नियंत्रण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता के साथ बेहतर समन्वय, संवेदनशील पुलिसिंग, सतत पेट्रोलिंग एवं सूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया।
क्राईम मीटिंग में प्रमुख रूप से दिए गए निर्देश।
पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थानों एवं चौकियों में लंबित अपराधों की स्थिति की समीक्षा कर प्रत्येक प्रकरण की प्रगति की जानकारी लेकर उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। लंबित चालान एवं मर्ग प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने, एवं जनता से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनकी निष्पक्ष जांच कर समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने थाना-चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि केवल प्रकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक घटना के कारण, परिस्थितियों, साक्ष्यों एवं आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर विवेचना को मजबूत बनाया जाए। अपराधों में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों सहित उपलब्ध सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों का संकलन कर मजबूत अभियोजन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने फरार आरोपियों की पतासाजी कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा अभियोग पत्र समय पर न्यायालय में प्रस्तुत कर आरोपियों को सजा दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही करने कहा।
थाना क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार उनकी जांच एवं वैधानिक कार्रवाई करने, बीट क्षेत्र की नियमित जानकारी रखने, आम नागरिकों से सतत संपर्क बनाए रखने तथा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की जानकारी संकलित करने, जिले में बिना नंबर एवं संदिग्ध वाहनों की नियमित जांच करने, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रभावी कार्रवाई करने एवं आमजनता को साइबर अपराध से बचाव, नशे से दूरी बनाने तथा यातायात नियमों की जानकारी के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
सिर्फ एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं, आरोपी को सजा दिलाना हमारा लक्ष्य।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने कहा कि घटना के बाद केवल एफआईआर दर्ज करना ही पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। पुलिस को पुख्ता साक्ष्य संकलन, आरोपियों की गिरफ्तारी, गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं समय पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने से लेकर आरोपी को न्यायालय से सजा दिलाने तक मजबूती से कार्य करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रभावी कार्रवाई से न केवल अपराधियों में कानून का भय पैदा होगा, बल्कि आम जनता का पुलिस के प्रति विश्वास भी और मजबूत होगा।
सीसीटीव्ही नेटवर्क बढ़ाने पर जोर।
अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों की पहचान के लिए जिले के प्रमुख स्थानों तथा शहर से बाहर निकलने वाले मुख्य मार्गों पर जनसहयोग से सीसीटीव्ही कैमरे लगवाने की दिशा में कार्य करने कहा गया। पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों एवं दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों एवं घरों के आसपास सीसीटीव्ही कैमरे लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें इस बात के लिए भी प्रेरित किया जाए कि उनके द्वारा लगाए गए सीसीटीव्ही कैमरों का फोकस मुख्य मार्ग एवं आने-जाने वाले रास्तों की ओर रहे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को महत्वपूर्ण फुटेज उपलब्ध हो सके।
आगामी गणेश पूजा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में गणेश प्रतिमा स्थापना स्थलों का जायजा लेने, आयोजकों से समन्वय स्थापित करने तथा आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। धार्मिक आयोजन एवं अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने कहा गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, सीएसपी बेनार्ड कुजूर, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, एसडीओपी ओड़गी राजेन्द्र मण्डावी, एसडीओपी प्रतापपुर अनूप एक्का, डीएसपी अजाक रीता नीलम कुजूर, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, जिले के थाना-चौकी प्रभारी व अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे।


