हत्या की कोशिश के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सख्त सजा! 15 गवाहों और 35 साक्ष्यों से मजबूत हुआ केस, पीड़िता को मुआवजे की भी अनुशंसा

हत्या की कोशिश के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सख्त सजा! 15 गवाहों और 35 साक्ष्यों से मजबूत हुआ केस, पीड़िता को मुआवजे की भी अनुशंसा

थाना लुण्ड्रा अंतर्गत हत्या के प्रयास के मामले में अदालत का बड़ा फैसला, आरोपी 10 वर्ष के कठोर कारावास से दण्डित ।

 सरगुजा : थाना लुण्ड्रा क्षेत्र के ग्राम गेरसा में गत वर्ष हुए हत्या के प्रयास के मामले में माननीय द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर के न्यायालय ने 21 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मामले के आरोपी  01 पेरवा राम उर्फ़ प्रेमा राम आत्मज स्व बागर साय उम्र 60 वर्ष साकिन गेरसा महुआपारा थाना लुण्ड्रा जिला सरगुजा (छ.ग.) को हत्या के प्रयास के अपराध में 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1000/- रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। पुलिस की विवेचना, महत्वपूर्ण साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने अभियोजन के पक्ष में निर्णय दिया।

मामला थाना लुण्ड्रा के अपराध क्रमांक 140/2025 से संबंधित है। घटना 14 जुलाई 2025 के दिन दोपहर 12 बजे ग्राम गेरसा महुआपारा में हुई थी। आहत अनिता कुजूर को उसका ससुर खेती बाड़ी की बात को लेकर फावड़ा से मारकर चोट पहुँचाया था, आहत अनिता कुजूर के सिर में पीछे तरफ गंभीर चोट लगकर खून निकल रहा था व जमीन पर बेहोश पड़ी थी बातचीत नहीं कर रही थी, मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना लुण्ड्रा पुलिस टीम कों मामले में बारिकी से साक्ष्य एकत्रित करने के दिशा निर्देश दिए गए थे, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में पुलिस टीम ने आरोपी की गहनता से पता तलाश तलाश शुरू की थी।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी पेरवा राम उर्फ़ प्रेमा राम कों पकड़कर पूछताछ किया गया जो आरोपी के मेमोरेण्डम कथनों के आधार पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा (कोड़ी) बरामद किया था, इसके साथ ही घटनास्थल से आहत के पास पड़ी खून आलूदा मिट्टी और साधारण मिट्टी के नमूने संरक्षित किये गए साथ ही अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को विधिवत जब्त किया गया। जब्त सामग्री को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया तथा विवेचना के दौरान घटना में प्रयुक्त हथियार का क्यूरी परीक्षण भी कराया

मामले की विवेचना थाना लुण्ड्रा के तात्कालीन विवेचक सहायक उप निरीक्षक एस. आर. साहू द्वारा की गई थी। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र दिनांक 07 अक्टूबर 2025 को न्यायालय में प्रस्तुत किया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत आरोप लगाए गए थे।

न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूत तरीके से प्रस्तुत करते हुए 15 महत्वपूर्ण गवाहों के कथन और 35 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में पेश किए। पुलिस द्वारा जुटाए गए परिस्थितिजन्य एवं भौतिक साक्ष्यों तथा अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1000 रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई, अर्थदंड अदायगी में व्यतिक्रम में 03 माह का कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।

 माननीय  न्यायालय ने आहत को क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने के संबंध में भी विचार किया। निर्णय में कहा गया कि आहत अनिता कुजूर को हुई गंभीर एवं दीर्घकालीन शारीरिक क्षति, उसके उपचार, दैनिक जीवन की कार्यक्षमता पर पड़े प्रभाव तथा उपलब्ध अभिलेख से परिलक्षित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त पर अधिरोपित ₹1,000/- के अर्थदण्ड से आहत को पर्याप्त प्रतिकर उपलब्ध नहीं होगा। अतः भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 395 के अधीन लागू विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए तथा धारा 396 BNSS के अंतर्गत Victim Compensation Scheme के अनुसार आहत अनिता कुजूर को उचित प्रतिकर प्रदान किए जाने हेतु अनुशंसा की गई है।

 हत्या के प्रयास के मामले में न्यायालय का यह फैसला पुलिस की प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन और अभियोजन की मजबूत पैरवी का परिणाम है, जिसने गंभीर अपराध के आरोपी को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरगुजा पुलिस की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा दीपक झा (भा.पु.से.)द्वारा प्रकरण के  विवेचना अधिकारी सहायक उप निरीक्षक एस. आर. साहू तथा विवेचना में सहायक रहे लुण्ड्रा स्टॉफ के उत्साहवर्धन हेतु उचित पारितोषिक प्रदान करने की घोषणा की है।

डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने माननीय न्यायालय के निर्णय कों महत्वपूर्ण बताया, एवं मामले के विवेचक सहायक उप निरीक्षक एस. आर. साहू के उच्च व्यवसायिक दक्षता एवं उत्कृष्ट विवेचना की प्रशंसा की है ।

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