नारायणपुर में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा! एसपी संदीप कुमार पटेल की सख्त समीक्षा बैठक, लंबित मामलों से फरार आरोपियों तक कार्रवाई तेज करने के निर्देश

नारायणपुर में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा! एसपी संदीप कुमार पटेल की सख्त समीक्षा बैठक, लंबित मामलों से फरार आरोपियों तक कार्रवाई तेज करने के निर्देश

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने ली अपराध समीक्षा बैठक

अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के निराकरण, विवेचना की गुणवत्ता एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की व्यापक समीक्षा

नारायणपुर : जिला नारायणपुर में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आमजन को बेहतर एवं त्वरित पुलिसिंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल द्वारा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी थाना क्षेत्रों में अपराध एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की थाना-वार एवं बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित अपराध, लंबित शिकायतें, मर्ग, चालान, लंबित विवेचनाएं, गिरफ्तारी की स्थिति, फरार आरोपियों की पतासाजी, स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों की तामिली तथा गंभीर अपराधों में की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई।

लंबित प्रकरणों एवं विवेचना की समीक्षा

पुलिस अधीक्षक ने गंभीर एवं लंबित अपराधों की विवेचना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी थाना प्रभारियों को प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विवेचना में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग करने, घटनास्थल से साक्ष्य सुरक्षित करने तथा अभियोजन की दृष्टि से मजबूत केस डायरी एवं दस्तावेज तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।

गंभीर अपराधों एवं अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई

हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार, महिला एवं बाल अपराध, अपहरण, चोरी, नकबजनी, मारपीट, एनडीपीएस, आबकारी अधिनियम, आयुध अधिनियम सहित अन्य गंभीर एवं संपत्ति संबंधी अपराधों की समीक्षा की गई।

फरार एवं वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी, आदतन अपराधियों की निगरानी तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

महिला एवं बाल अपराधों पर विशेष संवेदनशीलता

महिला एवं बाल अपराधों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, समय पर चिकित्सकीय एवं आवश्यक कानूनी प्रक्रिया तथा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

साइबर अपराध एवं साइबर ठगी की समीक्षा

बैठक में साइबर अपराधों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, 1930 हेल्पलाइन, साइबर ठगी की राशि को तत्काल होल्ड/फ्रीज कराने, बैंक एवं संबंधित वित्तीय संस्थाओं से समन्वय तथा पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने की कार्रवाई की समीक्षा की गई।

पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि साइबर अपराध के प्रत्येक प्रकरण में तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग करते हुए आरोपी तक पहुंचने तथा ठगी की राशि की बरामदगी के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। साथ ही जिले में संचालित ‘साइबर जागृति अभियान’ के माध्यम से आम नागरिकों को लगातार साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

डिजिटल पुलिसिंग एवं अभिलेख संधारण

पुलिसिंग को अधिक तकनीक आधारित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बैठक में डिजिटल पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।

इस दौरान ई-मालखाना 2.0, ई-साक्ष्य, आईआरएडी, मेडलीपार, सीसीटीएनएस सहित अन्य डिजिटल अभिलेख एवं पुलिसिंग प्रणालियों में प्रविष्टियों एवं अभिलेखों के नियमित एवं सही संधारण की स्थिति की समीक्षा की गई।

पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि डिजिटल अभिलेखों में किसी भी प्रकार की लंबित प्रविष्टि न रहे तथा सभी अभिलेखों को निर्धारित समय-सीमा में अद्यतन रखा जाए।

मालखाना एवं जब्त संपत्ति की समीक्षा

थानों के मालखानों में जब्त संपत्ति, प्रकरणवार माल, हथियार, मादक पदार्थ एवं अन्य साक्ष्यों के सुरक्षित संधारण, अभिलेखों के अद्यतन एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुसार निराकरण की स्थिति की समीक्षा की गई।

ई-मालखाना 2.0 के माध्यम से मालखाना प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

वारंट एवं फरार आरोपियों की समीक्षा

लंबित गिरफ्तारी वारंट, स्थायी वारंट एवं अन्य न्यायालयीन वारंटों की थाना-वार समीक्षा करते हुए वारंटियों की लगातार पतासाजी एवं प्रभावी तामिली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। फरार आरोपियों के संबंध में उपलब्ध तकनीकी एवं स्थानीय सूचना तंत्र का उपयोग करने को कहा गया।

प्रतिबंधात्मक कार्रवाई एवं कानून-व्यवस्था

आगामी त्योहारों, आयोजनों एवं संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, गश्त एवं पेट्रोलिंग व्यवस्था की समीक्षा की गई।

संदिग्ध गतिविधियों एवं असामाजिक तत्वों पर सतत निगरानी रखने तथा किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बीट पुलिसिंग एवं आमजन से संवाद

पुलिस अधीक्षक ने बीट पुलिसिंग को प्रभावी बनाने, ग्राम स्तर पर पुलिस की उपस्थिति बढ़ाने, माड़ मित्रों एवं स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आम नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य केवल अपराध के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम, जनता में सुरक्षा की भावना और पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करना भी है।

सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं एवं यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। आईआरएडी में सड़क दुर्घटनाओं की प्रविष्टियों, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, यातायात नियमों के पालन एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्र में अपराध एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति पर व्यक्तिगत निगरानी रखें तथा लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण, तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग, साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई तथा आमजन के साथ बेहतर समन्वय जिला पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

अपराध समीक्षा बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी, यातायात प्रभारी उपस्थित रहे

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