“राम का आचरण ही उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम बनाता है”, बिलासपुर में तुलसी जयंती पर गूंजा संदेश, तुलसी साहित्य से राष्ट्र निर्माण तक, वक्ताओं ने युवाओं के चरित्र निर्माण पर दिया जोर, आज की चुनौतियों का समाधान राम के आदर्शों में.

“राम का आचरण ही उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम बनाता है”, बिलासपुर में तुलसी जयंती पर गूंजा संदेश, तुलसी साहित्य से राष्ट्र निर्माण तक, वक्ताओं ने युवाओं के चरित्र निर्माण पर दिया जोर, आज की चुनौतियों का समाधान राम के आदर्शों में.

बाबा तुलसीदास द्वारा रचित मानस के कारण श्रीराम जन-जन के मन-मन में रमे हुये है । इनका मर्यादित आचरण इन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम बनाता है । रामायण में श्रीराम ऐसी धुरी है जिनके चरित्र को निखारने के लिये पात्र आते और अपनी छाप छोड़कर चले जाते है । उक्त बातें महर्षि विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ नरेश तिवारी जी  ने गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर आयोजित संगोष्ठी में कही ।उन्होंने कहा तुलसीदास की इस दिव्य रचना का मूल्यांकन कला के निष्कर्षों पर न किया जावे यह सम्पूर्ण कलाओं का महानिष्कर्ष है यह प्रभु राम का सनातन यशोगान है

संस्कृत की विदुषी डॉ पुष्पा दीक्षित ने कहा आज देश के नवजवानों को चरित्रवान बनाने की ज़रूरत है हम सब कुछ प्राप्त कर सकते है चरित्र कहाँ से लाएँगे तुलसीदास जी का साहित्य हमें मानव बना सकता है राष्ट्र निर्माण हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिये

उसी कड़ी को बढ़ाते हुये पं. अरविंद दीक्षित, डॉ. केवल कृष्ण पाठक एवं पं. चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने सम्बोधित करते हुये कहा भाषा के धरातल पर तो तुलसीदास अप्रतिम है। जितने शब्दों का प्रयोग मानस में किया है उतने शब्दों का प्रयोग विश्व के किसी कवि ने नहीं किया एक एक दोहे बीज मंत्र है। ऐसा समन्वय उस समय की तत्कालीन आवश्यकता थी। तुलसीदास ने सामाजिक, पारिवारिक, आर्थिक, राजनीतिक सभी क्षेत्रों को चुना और समन्वय स्थापित करते हुये जनजीवन में व्याप्त घोर अशांति, पापाचार, अनाचार, अधार्मिक़ता, विषमता को दूर करने की सफल चेष्टा की थी।आज देश को इन्ही चुनौतियों से ख़तरा है प्रभु श्रीराम का चरित्र जीना ही समस्या का समाधान है।

ज्ञात हो आज नगर स्थित बाबा गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती नगर स्थित राघवेंद्र राव सभा भवन में स्थापित बाबा तुलसीदास मूर्ति में प्रातः 9:00 बजे संयोजक चन्द्र प्रदीप बाजपेयी अखिलेश, मनोज शुक्ला, डॉ. अनिता सिंह के नेतृत्व में तुलसी मित्र मंडल, तुलसी साहित्य एकादमी एवं समग्र ब्राह्मण समाज द्वारा बाबा का पूजन, अभिषेक, आरती, पुष्प माल्यार्पण, धूप चंदन भव्य आरती तुलसीदास द्वारा रचित श्रीहनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। आयोजकों ने मुख्य वक्ता नरेश तिवारी ज़ी को आँवला का एक पौधा भेंट किया

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