डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह ने थाना बगीचा का किया वार्षिक निरीक्षण,
शासकीय संपत्ति एवं रिकाॅर्ड के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थित/कमियां पाए जाने पर थाना प्रभारी बगीचा एवं थाना के मोहर्रिर को कड़ी फटकार लगाई गई, अभिलंब दुरुस्त करने के दिए निर्देश,
थाना परिसर की साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था का लिया जायजा,
लंबित गंभीर अपराध, लंबित षिकायत सहित ग्राम अपराध पुस्तिका, जरायम रजिस्टर, जप्ती माल सहित महत्वपूर्ण अभिलेखों का किया निरीक्षण,
गुंडा-बदमाशों की नियमित चेकिंग एवं निगरानी के दिए निर्देश, गश्त प्रणाली एवं बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर,
थाना आने वाले फरियादियों से अच्छा एवं विनम्र व्यवहार करने के निर्देश, शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के दिए निर्देश,
महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश,
पुलिस मितान से मिलकर कार्यवाही करने तथा जन चैपाल में प्राप्त शिकायतों का अविलंब निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश,
आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने पर जोर।
जशपुर : दिनांक 25-07-2026 को डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह द्वारा थाना बगीचा का वार्षिक निरीक्षण किया गया, वार्षिक निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा थाना की ’’कार्यालयीन व्यवस्था, पुलिसिंग कार्यप्रणाली, अभिलेखों के संधारण, थाना परिसर की साफ-सफाई, मालखाना एवं सुरक्षा व्यवस्था’’ का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
”रिकाॅर्ड एवं महत्वपूर्ण अभिलेखों का किया निरीक्षण’’-
निरीक्षण के दौरान थाना में संधारित ’’ग्राम अपराध पुस्तिका, जरायम रजिस्टर, जप्ती माल एवं अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों’’ का बारीकी से अवलोकन किया गया। शासकीय संपत्ति एवं रिकाॅर्ड के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थित/कमियां पाए जाने पर थाना प्रभारी बगीचा एवं थाना के मोहर्रिर को कड़ी फटकार लगाई गई, साथ ही निर्देशित किया गया कि थाना के सभी रिकार्ड एवं अभिलेखों को अविलम्ब व्यवस्थित एवं अद्यतन रखा जाए। अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां समय पर पूर्ण की जाएं तथा रिकॉर्ड संधारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
थाना परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोरः-
वार्षिक निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था’’ का भी जायजा लिया गया। थाना परिसर, कार्यालयीन कक्षों एवं अन्य स्थानों में नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ अधिकारी ने निर्देशित किया कि थाना परिसर स्वच्छ, साफ एवं व्यवस्थित रहना चाहिए, जिससे थाना आने वाले आम नागरिकों को बेहतर एवं सकारात्मक वातावरण मिल सके। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
लंबित अपराध एवं शिकायतों की समीक्षा:-
निरीक्षण के दौरान थाना क्षेत्र में लंबित अपराधों एवं शिकायतों’’ की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र एवं नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए गए साथ ही संबंधित को निर्देशित किया कि पुराने एवं लंबित प्रकरणों में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक प्रकरण की विवेचना को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गुंडा-बदमाशों की नियमित चेकिंग के निर्देश:-
थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुंडा-बदमाशों एवं संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की नियमित चेकिंग करने के निर्देश दिए गए, ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
गश्त प्रणाली एवं बीट पुलिसिंग को प्रभावी बनाने पर जोर:-
थाना क्षेत्र में गश्त प्रणाली को और अधिक प्रभावी’’ बनाने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर नियमित गश्त करने तथा अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही बीट पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने एवं बीट अधिकारियों/आरक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र की गतिविधियों की जानकारी रखने तथा आम नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस मितान से मिलकर कार्यवाही एवं जन चैपाल की शिकायतों का त्वरित निराकरण:-
डीआईजी एवं एसएसपी द्वारा पुलिस मितान से मिलकर कार्यवाही करने तथा पुलिस एवं आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए, साथ ही जन चैपाल में प्राप्त शिकायतों का अविलंब एवं नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जन चैपाल के माध्यम से ग्रामीणों एवं आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा शिकायतों के निराकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई:-
महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा पीड़ितों को आवश्यक पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
फरियादियों से अच्छा व्यवहार एवं शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई:-
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर ने थाना में अपनी समस्या लेकर आने वाले फरियादियों एवं आम नागरिकों के साथ अच्छा, विनम्र एवं संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुना जाए तथा शिकायत प्राप्त होने पर ’’त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई’’ सुनिश्चित की जाए। अनावश्यक रूप से किसी भी शिकायत अथवा प्रकरण को लंबित नहीं रखा जाए।
आम जनता से बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश:-
डीआईजी ने पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता के साथ बेहतर समन्वय एवं संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच मजबूत करने तथा लोगों की समस्याओं को समझकर उनका नियमानुसार निराकरण करने पर जोर दिया गया। पुलिस एवं आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जनता में सुरक्षा की भावना एवं पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता पर जोर:-
साइबर अपराध एवं आॅनलाईन ठगी से बचाव के लिए आम नागरिकों को ’’जागरूक करने’’ तथा साइबर अपराध से संबंधित शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों की पहचान में तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
शासकीय संपत्ति मालखाना एवं जप्त सामग्री के रख-रखाव की समीक्षा:-
निरीक्षण के दौरान शासकीय संपत्ति एवं जप्त माल का भी अवलोकन किया गया, रखरखाव अच्छे दर्जे का नहीं पाया गया इस पर थाना प्रभारी बगीचा एवं मोहरीर को कड़ी फटकार लगाई गई, उन्हें निर्देशित किया गया कि/1जप्त सामग्री का नियमानुसार एवं सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित करने तथा संबंधित अभिलेखों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस कर्मचारियों की समस्याओं पर भी चर्चा
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों से उनकी कार्यालयीन समस्याओं एवं कार्य संबंधी आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की गई। पुलिस कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने तथा टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बेहतर पुलिसिंग एवं अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता:-
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह ने थाना प्रभारी एवं समस्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, प्रभावी गश्त, गुंडा-बदमाशों की चेकिंग, लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं आम नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि थाना की कार्यप्रणाली में अनुशासन, जवाबदेही, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता बनी रहनी चाहिए तथा आम नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित पुलिस सेवा उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को रिकार्ड संधारण में सुधार, थाना परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने, पुलिसिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा भविष्य में निरीक्षण के दौरान कमियां नहीं पाए जाने के निर्देश दिए गए। जशपुर पुलिस द्वारा थाना स्तर पर पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
निरीक्षण दौरान पुलिस कार्यालय जशपुर से उप निरीक्षक/अ (स्टेनो) रामानंद बहिदार, रीडर श्री मुकेश झा एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

