गौ-वंश तस्करी के मामले में फरार वाहन स्वामी चढ़ा पुलिस के हत्थे, गिरफ्तार कर भेजा गया जेल, थाना लोदाम क्षेत्र का मामला.
गौ तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस की लगातार सख्त कार्रवाई जारी, जनवरी 2026 से अब तक 852 गौ-वंश मुक्त, 71 प्रकरणों में 66 आरोपी गिरफ्तार एवं 26 वाहन जब्त.
जशपुर : जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौ-वंश तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना लोदाम क्षेत्र में लंबे समय से फरार चल रहे तस्करी में प्रयुक्त वाहन के मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस के विशेष अभियान के तहत जनवरी 2026 से अब तक सैकड़ों गौ-वंशों को मुक्त कराते हुए दर्जनों आरोपियों की गिरफ्तारी और वाहनों की जब्ती की गई है।
जशपुर पुलिस द्वारा गौ-वंश तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जिले भर में गौ तस्करी में संलिप्त अपराधियों, वाहन मालिकों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध सतत अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में थाना लोदाम क्षेत्र में गौ-वंश तस्करी के एक प्रकरण में घटना के बाद से फरार चल रहे तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो पिक-अप वाहन के स्वामी मो. इम्तियाज (उम्र 40 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
जशपुर पुलिस गौ-वंश तस्करी जैसे अपराधों को लेकर अत्यंत संवेदनशील है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में संचालित ऑपरेशन शंखनाद के अंतर्गत जनवरी 2026 से अब तक 852 गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से सकुशल मुक्त कराया गया है। इस दौरान 71 प्रकरणों में 66 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है तथा तस्करी में प्रयुक्त 26 वाहनों को जब्त किया गया है। पुलिस द्वारा गौ तस्करी में संलिप्त प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध साक्ष्य के आधार पर लगातार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
घटना का संक्षिप्त विवरण –
दिनांक 14 अप्रैल 2026 को थाना लोदाम पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम भलमंडा स्थित नेशनल हाईवे से एक बोलेरो पिक-अप वाहन क्रमांक JH-01-FP-3193 में गौ-वंशों को अवैध रूप से तस्करी हेतु ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने वाहन को घेर लिया। पुलिस को देखकर तस्कर मौके से फरार हो गए, जबकि वाहन से 09 नग गौ-वंशों को सकुशल मुक्त कराया गया।
घटना के संबंध में थाना लोदाम में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान जब्त पिक-अप वाहन के आधार पर उसके स्वामी मो. इम्तियाज की पहचान की गई, जो घटना के दिन से ही लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थी तथा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय रखा गया था।
इसी दौरान दिनांक 10 जुलाई 2026 को पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि फरार आरोपी जशपुर क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस माह गौ तस्करी के विरुद्ध लगातार कार्रवाई –
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस ने 01 जुलाई 2026 से 10 जुलाई 2026 के बीच गौ तस्करी के चार अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 57 नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया तथा 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
इसी क्रम में —
01 जुलाई 2026 को थाना बागबहार क्षेत्र में गौ-वंश वध के मामले में 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
03 जुलाई 2026 को चौकी दोकड़ा क्षेत्र में 10 नग मवेशियों को तस्करों से मुक्त कराते हुए पैदल हांक कर ले जा रहे 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले के मास्टरमाइंड की पहचान कर ली गई है तथा उसकी तलाश जारी है।
04 जुलाई 2026 को चौकी मनोरा क्षेत्र के डहुकोना जंगल से 26 नग गौ-वंशों को सकुशल मुक्त कराया गया तथा 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
08 जुलाई 2026 को चौकी मनोरा क्षेत्र के ग्राम डडगांव में 21 नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। इस दौरान आरोपी जंगल का लाभ उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा है कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है। गौ तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधों में सम्मिलित प्रत्येक आरोपी, वाहन मालिक एवं संगठित गिरोह के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की तलाश निरंतर जारी है और उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

