वृक्षारोपण आने वाली पीढिय़ों के लिए अमूल्य धरोहर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
– एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत बाटगांव में 4 हजार पौधों का रोपण
– विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बाल उद्यान के लिए 10 लाख रुपए तथा सिंचाई हेतु सोलर पंप सहित बोरवेल की घोषणा की
– विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती सुधादेवी सिंह के नाम किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
राजनांदगांव : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बाटगांव में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत आयोजित वनमहोत्सव, वृक्षारोपण एवं नि:शुल्क पौधा वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती सुधादेवी सिंह के नाम फलदार पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम बाटगांव में लगाए गए 4 हजार पौधों के संरक्षण के लिए सोलर पंप सहित बोरवेल की स्थापना तथा वृक्षारोपण स्थल को बच्चों के लिए बाल उद्यान के रूप में विकसित करने हेतु 10 लाख रूपए की सामग्री उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में 30 से 50 एकड़ क्षेत्र में व्यापक वृक्षारोपण किया जाएगा, वहां भी बाल उद्यान विकसित करने के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी अपनी मां के नाम पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों तथा चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूली विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने एवं पौधरोपण के लिए नि:शुल्क पौधा वितरण वाहन को हरी झंडी दिखाई।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ग्राम बाटगांव की सरपंच श्रीमती आशा यदु और ग्रामवासियों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक जनभागीदारी से किया गया वृक्षारोपण आने वाली पीढिय़ों के लिए अमूल्य धरोहर बनेगा। उन्होंने कहा कि आज लगाए गए आम, कटहल, आंवला, नींबू, पीपल एवं बरगद जैसे पौधे भविष्य में घने वृक्षों का रूप लेकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों को भी लाभ पहुंचाएंगे। उन्होंने कबीरधाम जिले के ग्राम मड़मड़ा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां अवैध कब्जे से मुक्त कराए गए लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में सामूहिक वृक्षारोपण किया गया, जिससे आज वह क्षेत्र घने जंगल के रूप में विकसित हो चुका है। वहां लगाए गए बांस एवं अन्य वृक्षों से ग्राम पंचायत को नियमित आय प्राप्त हो रही है तथा ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता से वृक्षारोपण और उसका संरक्षण ग्रामीण विकास का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2024 को एक पेड़ मां के नाम अभियान का शुभारंभ करते हुए देशभर में 100 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था, जिसे देशवासियों की सक्रिय भागीदारी से निर्धारित समय से पहले ही प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपनी माता के नाम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण आवश्यक है। राजनांदगांव जिला इस वर्ष प्रदेश के सर्वाधिक गर्म जिलों में रहा है, इसलिए अधिक से अधिक पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाना, भू-जल स्तर को सुधारना तथा जल संरक्षण सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों से भी पौधों की देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुडऩे का आह्वान किया।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि पौधरोपण का कार्य पुण्य का कार्य है। वृक्ष जीवन का आधार है और हम सभी को पौध रोपण करने के साथ ही पौधों का संरक्षण करना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से वृक्षों की महत्ता को समझते हुए इसके संरक्षण की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में स्वाभाविक रूप से मन प्रकृति की ओर होता है और ऋतुराज के आने के साथ ही किसानों को वर्षा की प्रतीक्षा रहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। 24 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को 12 करोड़ रूपए से अधिक तेंदूपत्ता बोनस दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा विकसित भारत-जीरामजी (वीबी-जीरामजी) योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों का काम मिलेगा। उन्होंने बताया कि वीबी-जीरामजी योजना के तहत पौधरोपण, जल संरक्षण, पंचायती राज के तहत छोटे-छोटे निर्माण कार्य सहित अन्य कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण एवं जल संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। शासन द्वारा किसानों से दलहन-तिलहन फसल लेने की अपील की जा रही है।
महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि इस वर्ष ग्रीष्म ऋतु में जिले का तापमान 47 डिग्री तक पहुंच गया था, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बाटगांव मेें 1400 पौधरोपण किया गया था और सभी पौधे संरक्षित है, जो सराहना का विषय है। इस वर्ष वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया। उन्होंने सभी पौधों का संरक्षण करने का संकल्प लेने कहा। उन्होंने कहा भविष्य की सुरक्षा एवं भविष्य की आवश्यकता की पूर्ति करना मूल रूप से विकास है। रोपे गए पौधों के पेड़ बनने से भविष्य में शुद्ध हवा व फल के अलावा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ पर्यावरण संतुलित होगा। जिसके दृष्टिगत वृहद पैमाने पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से पौधरोपण एवं पौधों के संरक्षण के कार्य में अपना योगदान देने और सहयोग करने की अपील की।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने ग्राम बाटगांव में आयोजित वनमहोत्सव एवं पौधरोपण कार्यक्रम की प्रशंसा करने हुए कहा कि पौधरोपण का कार्य पावन और अच्छा कार्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को एक पेड़ अपने माँ के नाम से लगाने का आह्वान किया है। हमें कम से कम एक पेड़ अपने मां के नाम से लगाना चाहिए और उसका संरक्षण करना चाहिए। वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन द्वारा कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेश दत्त मिश्रा, जिला सहकारी केन्द्र बैंक मार्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, जनपद पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, नगर पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती रोहिण सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमार साहू, पूर्व विधायक डोंगरगढ़ श्री रामजी भारती व श्री विनोद खांडेकर, सरपंच ग्राम पंचायत बाटगांव श्रीमती आशा यदु, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल, श्री रमेश पटेल, श्री सौरभ कोठारी, श्री राजेश श्यामकर, श्री नरेन्द्र वर्मा, श्री नबीस साहू, श्री जनक साहू, श्रीमती किरण बारले, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

