एक माह के बच्चे की चोरी के मामले में जशपुर पुलिस को मिली कामयाबी, पुलिस ने ढूंढ निकाला बच्चे सहित आरोपिया को, गिरफ्तार कर भेजा जेल, पुलिस ने बच्चे को किया सकुशल परिजनों के सुपुर्द.
बच्चे की मां का स्वास्थ्य खराब होने पर, परिजनों ने ईलाज हेतु कराया था, शासकीय अस्पताल जशपुर में भर्ती, मामला थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत का.
इसी दौरान आरोपिया तारा बाई ने, बच्चे के परिजनों को झांसे में लेकर, जीत लिया उनका विश्वास, फिर परिजनों को खाना खिलाने हॉस्पिटल से लेकर आई थी जशपुर के एक हॉटल में.
खाना खाने के दौरान बच्चे को गोदी करने के बहाने, अपने पास रखकर हो गई थी फरार, पुलिस की टीम को जांच के दौरान, अस्पताल के सीसी टीव्ही फुटेज से मिली थी संदिग्ध आरोपिया की फोटो.
मामले में पुलिस ने थाना सिटी कोतवाली जशपुर में अज्ञात महिला के विरुद्ध बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया था.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बच्चे व आरोपिया की पतासाजी हेतु गठित की थी पुलिस की विशेष टीम.
जशपुर : जशपुर पुलिस ने एक माह के मासूम बच्चे की चोरी के सनसनीखेज मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। सिटी कोतवाली क्षेत्र के शासकीय अस्पताल से बच्चे को बहला-फुसलाकर फरार हुई आरोपिया को पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया, साथ ही अपहृत शिशु को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस की संवेदनशीलता, सतर्कता और अपराध के खिलाफ त्वरित एक्शन का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
पुलिस की जांच व टेक्निकल टीम की मदद से पुलिस पहुंची आरोपिया तक, पुलिस ने आरोपिया को उसके ग्राम दातुनपानी, चौकी पंडरापाठ, थाना सिटी बगीचा क्षेत्र से लिया हिरासत में व उसके कब्जे से एक माह के बच्चे को भी किया सकुशल बरामद.
पूछताछ में आरोपिया ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसकी तीन शादी हुई है, पहली शादी से उसके बच्चे हैं, पहले पति से अलग होने के पश्चात, उसने दो और शादी की थी, दोनों ही शादी से उसे बच्चे नहीं हो रहे थे, कुछ दिनों पूर्व वह चार महीने की गर्भवती थी, परंतु बच्चा खराब हो जाने से उसका गर्भपात हो गया था, जिससे वह अत्यंत व्यथित रहती थी, जिस कारण आरोपिया बच्चा चोरी करने की आस से जशपुर आई हुई थी व शासकीय अस्पताल के आस-पास घूमती रहती थी। इसी दौरान उसे शासकीय अस्पताल में इलाज हेतु, पंडरापाठ क्षेत्र से आये एक दंपति दिखे, जिनके पास करीबन एक माह का बच्चा था, आरोपिया के द्वारा उनसे जान पहचान बढ़ाया गया, इस दौरान बच्चे के परिजनों से आरोपिया को पता चला कि बच्चे को छान्दा नामक बीमारी है, जिससे आरोपिया ने बच्चे की बीमारी का खुद झाड़-फूंक कर ईलाज करने का झांसा देते हुए उनका विश्वास जीत लिया गया। फिर एक दिन आरोपिया ने बच्चे के की माँ व दादी को खाना खिलाने के बहाने जशपुर के बस स्टैंड के पास स्थित एक हॉटल में लेकर लाया गया, परिजन जब खाना खा रहे थे, इसी दौरान आरोपिया बच्चे को गोदी में लेकर बस से फरार हो गई थी।
प्रकरण में पुलिस ने आरोपिया के विरुद्ध बीएनएस की धारा 140(3) जोड़ते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, तथा बच्चे को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
नाम आरोपिया – तारा बाई उम्र 35 वर्ष निवासी दातुन पानी, चौकी पंडरापाठ, थाना बगीचा जिला जशपुर (छ.ग).

