जन-जागरण के जरिए दिया ‘हरियाली‘ का संदेश, संभाग और अंचल के प्रमुख पदाधिकारियों सहित ग्रामीणों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कुनकुरी : बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वॉर्मिंग के दौर में प्रकृति को सहेजने और धरा को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ भाग के कुनकुरी अंचल में ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ अत्यंत उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया। स्थानीय खेल मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में अंचल और संभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए अपना अमूल्य और मार्गदर्शक समय भी प्रदान किया। यह आयोजन पूरे क्षेत्र में हरियाली और जन-चेतना का एक अनूठा उदाहरण बनकर उभरा है।
प्रभात फेरी से गूंजा कुनकुरी, जन-जागरण का शंखनाद
कार्यक्रम की शुरुआत केशव प्रसाद शाखा खेल मैदान से एक विशाल ‘प्रभात फेरी’ (जन-जागरण रैली) के साथ हुई। हाथों में पर्यावरण चेतना के संदेश और मन में हरियाली का संकल्प लिए यह प्रभात फेरी नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी। इस रैली के माध्यम से पूरे कुनकुरी नगर को पर्यावरण को बचाने, पेड़ लगाने और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने का संदेश दिया गया। नगर भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने भी इस पहल की खुले दिल से सराहना की। जन-जागरण की यह गूंज फैलाते हुए रैली वापस मुख्य खेल मैदान में आकर संपन्न हुई, जहां आगे की गतिविधियों को गति दी गई।
धरती को संवारने ‘हवलदार वृक्षों’ का वितरण
प्रभात फेरी के खेल मैदान लौटने के बाद मुख्य समारोह का आयोजन हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य धरती को हरा-भरा बनाना था। इस पावन अवसर पर उपस्थित ग्राम वासियों को ‘हवलदार वृक्ष’ (फलदार व छायादार पौधे) वितरित किए गए। पौधे सौंपने के साथ ही सभी ग्रामीणों से यह अपील भी की गई कि वे इन वृक्षों को सिर्फ लगाएं नहीं, बल्कि एक संतान की तरह इनकी सुरक्षा और देखरेख का संकल्प भी लें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और एक सेहतमंद वातावरण मिल सके।
वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पुनीत कार्य में समिति के कई सम्माननीय पदाधिकारियों ने सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ संभाग के सचिव राजीव नंदे, संभाग आरोग्य समिति की सदस्य शीतल गुप्ता, उत्तर छत्तीसगढ़ भाग के रथ सचिव रामसेवक साय और अंचल सचिव संजीव अंबष्ट उपस्थित रहे। इनके साथ ही हरि कथा सह सचिव शंभू सोनी, अंचल अभियान प्रमुख रामेश्वर साय, कार्यालय प्रमुख पंकज राम, अंचल प्राथमिक शिक्षा प्रशिक्षण प्रमुख अजय कुमार सिंह, अंचल व्यास मनमोहन राम और अंचल गतिविधि प्रमुख भीम साय ने भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
एक संदेश, एक संकल्प:
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में इंद्र कुमार और नंदकुमार महतो सहित कुनकुरी अंचल के समस्त निष्ठावान सेवावर्तियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यह आयोजन केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले कल को सुरक्षित करने की एक निरंतर चलने वाली मुहिम है। कुनकुरी अंचल के सेवावर्तियों और पदाधिकारियों की इस एकजुटता ने यह साबित कर दिया है कि जब समाज जागता है, तो प्रकृति मुस्कुराती है। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

