गरज-चमक बनी जानलेवा: कंदईबहार में बिजली गिरने से चार बकरियां मरीं, पोस्टमार्टम और पंचनामा के बाद मुआवजा प्रक्रिया तेज, पशुपालकों को जारी की गई अहम चेतावनी

गरज-चमक बनी जानलेवा: कंदईबहार में बिजली गिरने से चार बकरियां मरीं, पोस्टमार्टम और पंचनामा के बाद मुआवजा प्रक्रिया तेज, पशुपालकों को जारी की गई अहम चेतावनी

आकाशीय बिजली गिरने से चार बकरियों की मौत पर पोस्टमार्टम, पंचनामा कर की जा रही है आगे की कार्यवाही

पशु चिकित्सा सेवा विभाग ने पशुपालकों को सावधानी बरतने की दी सलाह

जशपुर : जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम कंदईबहार के छिरोटोली में रविवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से चार बकरियों की मौके पर ही मौत की घटना की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवा ने बताया कि इस घटना में पशुपालकों को आर्थिक क्षति हुई है। सूचना प्राप्त होने पर वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक खरे एवं सहायक पशु चिकित्सा शल्यज्ञ डॉ. शैलेष साय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पशुपालक श्री सियोन लकड़ा की तीन बकरियों (एक बकरा एवं दो बकरी) तथा श्री जॉनसन लकड़ा के एक बकरे का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा एवं फोटोग्राफ संबंधित थाना को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिए गए हैं।

 उप संचालक डॉ. एम.एस. बघेल ने पशुपालकों से बारिश एवं खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी कि पशुओं को कभी भी ऊंचे पेड़ों के नीचे न बांधें, क्योंकि पेड़ आकाशीय बिजली को अधिक आकर्षित करते हैं। मौसम खराब होने या गरज-चमक की चेतावनी मिलने पर पशुओं को सुरक्षित एवं पक्के शेड में रखें। उन्होंने यह भी कहा कि पशुओं को बिजली के खंभों, टावरों तथा लोहे की कंटीली तारों वाली बाड़ के आसपास न जाने दें। गरज-चमक के दौरान पशुओं को तालाब, नदी तथा अन्य खुले जल स्रोतों से दूर रखना चाहिए, ताकि आकाशीय बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव किया जा सके।

Jashpur