वार्ड क्रमांक 7 में शराब भट्टी निर्माण पर मचा बवाल, सीएसआर फंड के कथित दुरुपयोग को लेकर उठे गंभीर सवाल—स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

वार्ड क्रमांक 7 में शराब भट्टी निर्माण पर मचा बवाल, सीएसआर फंड के कथित दुरुपयोग को लेकर उठे गंभीर सवाल—स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

वार्ड क्रमांक 7 में शराब भट्टी निर्माण को लेकर विवाद, सीएसआर मद के उपयोग पर उठे सवाल

नगर पालिका अध्यक्ष पति, प्लांट अधिकारियों और कुछ पार्षदों की भूमिका पर लगे मिलीभगत के आरोप, जांच की मांग

तिल्दा नेवरा। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 7 में शराब भट्टी निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि जनहित और विकास कार्यों के लिए मिलने वाली सीएसआर मद की राशि का उपयोग नियम विरुद्ध तरीके से शराब दुकान निर्माण में किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार अदानी द्वारा सीएसआर मद से लगभग 20 लाख रुपए की फंडिंग सामुदायिक भवन निर्माण के उद्देश्य से दिए जाने की बात कही जा रही है। आरोप है कि उक्त राशि से वार्ड क्रमांक 7 में शराब दुकान से संबंधित निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि नगर पालिका अध्यक्ष पति के हस्तक्षेप में, प्लांट से जुड़े कुछ अधिकारियों और कुछ पार्षदों की मिलीभगत से यह निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सीएसआर मद का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक सुविधाओं और जनहित के कार्यों में होना चाहिए, न कि शराब दुकान जैसी गतिविधियों के लिए।

इस पूरे मामले में नगर पालिका प्रशासन और संबंधित कंपनी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सीएसआर फंड की स्वीकृति, निर्माण स्थल और राशि के उपयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

लोगों का कहना है कि यदि जांच में सीएसआर मद का दुरुपयोग या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल वार्ड क्रमांक 7 में चल रहा यह निर्माण कार्य नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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