49 आपराधिक मामलों में संलिप्त बदमाश आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही.
जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिला बदर आदेश जारी.
रायपुर : रायपुर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 49 आपराधिक मामलों में संलिप्त कुख्यात बदमाश आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर को जिला बदर कर दिया है। हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर मामलों में आरोपी की संलिप्तता को देखते हुए उसे छह जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आम नागरिकों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रायपुर श्री गौरव सिंह ने पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रायपुर श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा की अनुशंसा पर आदतन अपराधी आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत आदेश पारित किया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा दिनांक 26 मई 2026 को पारित आदेश के अनुसार आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर पिता धारू राव भाण्डूलकर उम्र 39 साल निवासी मैडम चौक के पास गोबरानवापारा थाना गोबरानवापारा जिला रायपुर को आदेश की तिथि से 07 दिवस के भीतर, अर्थात् 01 जून 2026 तक रायपुर, दुर्ग, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद एवं बलौदाबाजार जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही आदेशानुसार उक्त बदमाश को आगामी 06 माह की अवधि, अर्थात् 25 नवंबर 2026 तक उक्त जिलों की सीमाओं में बिना सक्षम न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
49 आपराधिक प्रकरण दर्ज –
आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के विरुद्ध विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट, सदोष अवरोध, एनडीपीएस एक्ट, जुआ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न प्रतिबंधात्मक धाराओं के अंतर्गत कुल 49 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं।
कानून-व्यवस्था एवं जनसुरक्षा के दृष्टिकोण से कार्यवाही –
पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं आरोपी की निरंतर आपराधिक गतिविधियों के मूल्यांकन के पश्चात जिला प्रशासन ने यह पाया कि उसकी उपस्थिति से क्षेत्र में शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है तथा आमजन में भय एवं असुरक्षा का वातावरण निर्मित हो रहा है।
इन्हीं तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के प्रावधानों के तहत आरोपी के विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही की गई है। इस कार्यवाही का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।

