जनगणना 2027: कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने ग्राम फरसा में जनगणना कार्यों का किया अवलोकन
जनगणना कार्यों को गंभीरता पूर्वक सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
डिजिटल जनगणना के तहत घर-घर पहुंच रहे प्रगणक, 33 बिंदुओं पर जुटाई जा रही जानकारी
जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने आज ग्राम पंचायत सिरिमकेला के आश्रित ग्राम फरसा पहुंचकर जनगणना-2027 के तहत चल रहे कार्यों का अवलोकन किया।
कलेक्टर की मौजूदगी में ग्राम फरसा में श्रीमती दुर्गावती के घर में जनगणना से संबंधित जानकारी संकलित की गई। इस दौरान कलेक्टर ने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा किए जा रहे घर-घर सर्वेक्षण की जानकारी ली तथा जनगणना कार्य को गंभीरता और सावधानीपूर्वक संपादित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनगणना कार्य में उपयोग किए जा रहे डिजिटल माध्यमों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है। जिसमें 01 मई से 30 मई 2026 तक जिले में घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इस दौरान प्रगणक नागरिकों से संपर्क कर उनके द्वारा स्व गणना के दौरान दर्ज की गई जानकारी का मिलान कर रहे है, जिससे आंकड़ों की शुद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। प्रथम चरण में प्रगणक घर-घर जाकर प्राप्त सूचनाओं को एचएलबी एप में दर्ज कर रहे हैं। डेटा दर्ज होने के बाद वह स्वतः सुपरवाइजर की आईडी में सिंक हो जाता है, जहां सत्यापन उपरांत उसे मुख्य सर्वर पर भेजा जाता है। इससे डेटा प्रोसेसिंग की प्रक्रिया तेज और अधिक पारदर्शी हो सकेगी।
जनगणना के दौरान प्रगणकों द्वारा 33 बिंदुओं पर आधारित विस्तृत जानकारी संकलित की जा रही है। इसमें भवन का प्रकार, उपलब्ध सुविधाएं, निर्माण सामग्री, बिजली-पानी की व्यवस्था, इंटरनेट, मोबाइल, टीवी, वाहन सहित अन्य आवश्यक जानकारियां शामिल हैं। यह आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है और इसके आंकड़ों के आधार पर शासन की योजनाएं तैयार की जाती हैं। इसलिए प्रत्येक जानकारी का सही एवं गुणवत्तापूर्ण संग्रहण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण कार्य पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना कार्य में तकनीक के उपयोग से कार्य अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हुआ है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण तेजी से संभव होगा, जिससे शासन को विकास कार्यों की योजना बनाने में सहायता मिलेगी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम कुनकुरी श्री नंदजी पांडे सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

