फेसबुक पर जान पहचान के बाद दोनों में प्रेम संबंध एवं विवाह का वादा किया था आरोपी.
तीन वर्ष से अधिक समय तक लगातार शोषण करने पर पीड़िता ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट.
महिलाओं पर घटित अपराध में सरगुजा पुलिस की सख्त कार्यवाही, थाने में रिपोर्ट के 24 घंटे के भीतर प्रकरण का आरोपी गिरफ्तार.
अंबिकापुर : सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र में प्रेम संबंध और शादी का झांसा देकर युवती का लगातार दैहिक शोषण करने का मामला सामने आया है। फेसबुक पर हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदली, लेकिन आरोपी ने विवाह का वादा कर तीन वर्षों तक युवती का शोषण किया। पीड़िता की शिकायत पर बतौली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सरगुजा पुलिस की सख्त कार्रवाई एक बार फिर देखने को मिली है।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता का वर्ष 2022 में विक्रम सिंह निवासी निवासी बतौली से सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से परिचय हुआ था। बाद में पीडिता का विक्रम सिंह से प्रेम संबंध हो गया था, जिस कारण 05 अक्टूबर 2022 को विक्रम पीड़िता के घर आया था और पीड़िता से विवाह करने एवं पत्नी बनाकर रखने का आश्वासन देकर साथ में अपने घर ले गया, जहां पीड़िता के मना करने पर भी उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया है। माह मई 2025 में पीड़िता गर्भवती हो गई थी, जिसे आरोपी विक्रम सिंह ने दवा देकर पीड़िता का गर्भपात करा दिया था। वर्ष 2022 से 2025 तक आरोपी द्वारा कई बार पीड़िता के साथ शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाया है। आरोपी विक्रम सिंह वर्ष 2026 में पीड़िता से बात करना बंद कर दिया एवं पीड़िता से शादी करने से इंकार कर दिया।
पीड़िता की रिपोर्ट पर दिनांक 06 मई 2026 को थाना बतौली में अपराध क्रमांक 57/2026 धारा 64(2)(एम), 69,88 बी.एन.एस. पंजिबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान बतौली पुलिस टीम द्वारा आरोपी विक्रम सिंह को हिरासत में लेकर पूछ-ताछ किया गया, जिसने अपना जुर्म स्विकार किया है। आरोपी के विरूद्ध धारा सदर का अपराध सबूत पाए जाने पर आरोपी विक्रम सिंह पिता पन्न सिंह उम्र 22 वर्ष निासी गहिला (गौटियापारा) थाना बतौली जिला सरगुजा को विधिवत गिरफ्तार कर डॉक्टरी मुलाहिजा उपरांत न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
इस प्रकरण की संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी बतौली निरीक्षक विवेक सेंगर, सहायक उपनिरीक्षक संजय गुप्ता, आरक्षक राजेश खलखो, आरक्षक राकेश एक्का, महिला आरक्षक मेविश खाखा की सक्रिय भूमिका रही है।

