कलेक्टर श्री व्यास ने सिरिमकेला में निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण
कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से जल्द पूर्ण करने के दिए निर्देश
निर्माणाधीन प्राथमिक शाला और सामुदायिक भवन से ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी सुविधा
जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने आज दुलदुला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम सिरिमकेला पहुंचकर निर्माणाधीन शासकीय प्राथमिक शाला एवं सामुदायिक भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों निर्माण कार्यों की प्रगति का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। इस दौरान एसडीएम कुनकुरी श्री नंदजी पांडे सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री व्यास ने सबसे पहले निर्माणाधीन शासकीय प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल भवन के विभिन्न कक्षों में जाकर अब तक हुए निर्माण कार्यों को देखा तथा निर्माण की गुणवत्ता की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए शौचालयों का भी निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नया स्कूल भवन तैयार होने से गांव के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। पक्के एवं सुव्यवस्थित भवन में पढ़ाई होने से बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी तथा उन्हें सुरक्षित और सुविधायुक्त माहौल उपलब्ध होगा। इसके साथ ही शिक्षकों को भी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिलेगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इसके पश्चात कलेक्टर श्री व्यास ने सिरिमकेला गांव में ही निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया। भवन का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। उन्होंने कहा कि शेष कार्यों को तेजी एवं गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने सामुदायिक भवन में बिजली, पानी और शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। सामुदायिक भवन के निर्माण से गांव में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। ग्रामीणों को बैठक, प्रशिक्षण, सामाजिक कार्यक्रम एवं विभिन्न जनहितकारी गतिविधियों के आयोजन के लिए सुविधा मिलेगी। इससे गांव में सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

