हत्या के बाद पिता पर भी हमला करने दौड़ा आरोपी, रैरूमाखुर्द पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर पकड़ा आरोपी को.
घटना में प्रयुक्त फावड़ा जब्त, आरोपी गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया.
क्षणिक आवेश बना मातृहत्याकांड की वजह, आरोपी को न्यायालय से दिलाई जाएगी सख्त सजा — एसएसपी शशि मोहन सिंह.
रायगढ़ : रायगढ़ जिले के रैरूमाखुर्द क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने एक दिल दहला देने वाली घटना का रूप ले लिया। मामूली नाराजगी के चलते एक युवक ने अपनी ही मां पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने समाज को झकझोरते हुए पारिवारिक तनाव और मानसिक संतुलन के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द क्षेत्र में मां की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में रैरूमाखुर्द पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आर्यन दास महन्त (20 वर्ष) के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।
घटना के संबंध में ग्राम रैरूमाखुर्द निवासी गणपत दास महन्त (60 वर्ष) ने 25 अप्रैल को चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह शिवा पेट्रोल पम्प के सामने किराना दुकान संचालित करता है। रिपोर्ट के अनुसार उसका छोटा पुत्र आर्यन दास महन्त इस बात से नाराज रहता था कि परिवार उसके भाई-बहनों को उससे अधिक महत्व देता है, जिस कारण उसका व्यवहार परिवार के प्रति खिन्न था। 24 अप्रैल की रात गणपत, उसकी पत्नी फुलबाई महन्त (55 साल) और पुत्र आर्यन दुकान में सोए थे। 25 अप्रैल की सुबह आर्यन शौच से लौटने के बाद अपनी मां को दुकान से बाहर खींचकर जमीन पर गिराया और घर में रखे गोबर फेंकने वाले फावड़े से गर्दन पर लगातार वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फावड़ा लेकर अपने पिता को भी मारने दौड़ा, जिस पर गणपत अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला और पुलिस को सूचना दी।
रिपोर्ट पर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विजय एक्का द्वारा आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 109/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर त्वरित पतासाजी कर आरोपी आर्यन दास महन्त (20 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा भी जब्त किया गया है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विजय एक्का, प्रधान आरक्षक चिंतामणि कुर्रे एवं हमराह स्टॉफ की अहम भूमिका रही।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश – “क्षणिक आवेश में किया गया अपराध जीवनभर का पछतावा बन जाता है, कानून ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करता है, पुलिस आरोपी को सख्त सजा दिलाने का प्रयास करेगी।”

