शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा की गई सख्त कार्यवाही.
आरोपिया के सहकारी समिति के अध्यक्ष सह विक्रेता रहते हुए खाद्यान्न स्टॉक की पाई गई थी कमी.
समवृद्ध स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सह विक्रेता द्वारा चावल 139.49 क्विंटल का व्यपवर्तन कर कुल राशि लगभग 05 लाख 51 हजार 112 रुपये की शासन को पहुंचाई गई थी क्षति.
अम्बिकापुर : अंबिकापुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है, जहां उचित मूल्य दुकान संचालिका पर लाखों रुपये के खाद्यान गबन का आरोप लगा है। जांच में चावल के भारी स्टॉक की कमी मिलने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। यह मामला शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के साथ ही गरीबों के हक पर डाका डालने से जुड़ा है।
प्रकरण के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी शिव कुमार मिश्रा साकिन कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा अम्बिकापुर थाना अम्बिकापुर द्वारा थाना कोतवाली आकर रिपोर्ट दर्ज कराया गया था कि प्रार्थी द्वारा दिनांक 11 मार्च 2026 को शासकीय उचित मूल्य दुकान कमांक 391001032 महामाया वार्ड अंबिकापुर का औचक जाँच किया गया, जाँच में उक्त शासकीय उचित मूल्य दुकान कमांक 391001032 का संचालन मार्च 2015 से समवृद्ध स्वयं सहायता समूह दर्रीपारा, अम्बिकापुर द्वारा किया जा रहा है। जिसकी अध्यक्ष दर्रीपारा निवासी शोभा सिंह द्वारा विक्रेता के रूप में कार्य किया जा रहा है, भौतिक सत्यापन के दौरान शासकीय उचित मूल्य की दुकान में चावल 139.49 क्विंटल का व्यपवर्तन कर कुल राशि लगभग 05 लाख 51 हजार 112 रुपये की कमी पाई गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 256/26 धारा 316(5) बी.एन.एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
विवेचना के दौरान खादय शाखा से प्राप्त जांच प्रतिवेदन व विवेचना पर से आरोपिया शोभा सिंह पिता स्व. संतोष प्रवीण सिंह उम्र 56 वर्ष निवासी दर्रीपारा अम्बिकापुर के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से आरोपिया को हिरासत में लेकर पुछताछ कर मैमोरेण्डन कथन लिया गया। अपराध घटित करना स्वीकार की तथा शासकीय उचित मुल्य दुकान का लेन-देन हिसाब किताब का लेख आनलाईन होने से रजिस्टर पेश नहीं कर पाना बताई। आरोपिया के विरूद्ध धारा सदर का अपराध घटित करने का अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण में आरोपिया को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उपनिरीक्षक के.के. यादव, सहायक उपनिरीक्षक विवेक पाण्डेय, महिला आरक्षक किरण अमलावति, आरक्षक लालभुवन, आरक्षक दीपक पाण्डेय सक्रिय रहे।

