एनडीपीएस एक्ट मामलों में साक्ष्य परीक्षण हेतु थाना पुलिस बल को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
नारकोटिक्स ड्रग्स एवं प्रिक्यूरसर केमिकल डिटेक्शन किट के उपयोग का दिया गया प्रशिक्षण.
जप्त मादक पदार्थों के वैज्ञानिक परीक्षण की विधि समझाई गई, प्रकरणों में साक्ष्य सुदृढ़ करने हेतु पुलिस बल को किया गया प्रशिक्षित.
जिले के समस्त थाना/चौकी को डिटेक्शन किट का किया गया वितरण.
दुर्ग : दुर्ग पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट मामलों में साक्ष्यों को और मजबूत बनाने के लिए थाना पुलिस बल को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया। इस प्रशिक्षण में मादक पदार्थों की वैज्ञानिक जांच और नारकोटिक्स डिटेक्शन किट के उपयोग की विधियों पर जोर दिया गया, जिससे पुलिस बल अब अपराध के सबूतों को अधिक सटीक और प्रभावी ढंग से पेश कर सकेगा।
दिनांक 05 अप्रैल 2026 को जिला दुर्ग में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत जप्त मादक पदार्थों के परीक्षण हेतु नारकोटिक्स ड्रग्स डिटेक्शन किट एवं प्रिक्यूरसर केमिकल डिटेक्शन किट के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पुरानी पुलिस लाईन, दुर्ग स्थित ‘‘दधीचि प्रशिक्षण हॉल’’ में किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. स्मिता रानी भारदीय, क्राइम सीन यूनिट, जिला दुर्ग द्वारा अफीम, गांजा, टैबलेट, ब्राउन शुगर, हेरोइन एवं अन्य मादक पदार्थों के परीक्षण की वैज्ञानिक विधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही डिटेक्शन किट के प्रभावी उपयोग एवं साक्ष्य संरक्षण की प्रक्रिया समझाई गई।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न थाना/चौकी से उपस्थित 35 प्रधान आरक्षक/आरक्षक को प्रशिक्षण प्रदान किया गया एवं समस्त थाना/चौकी को नारकोटिक्स ड्रग्स डिटेक्शन किट एवं प्रिक्यूरसर केमिकल डिटेक्शन किट वितरित किए गए।
स्थल – दधीचि प्रशिक्षण हॉल, पुरानी पुलिस लाईन, दुर्ग.
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में पुलिस लाईन दुर्ग के स्टॉफ, डी.सी.आर.बी. शाखा एवं क्राइम सीन यूनिट की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील –
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। मादक पदार्थों के अवैध व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

