डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में थाना कमलेश्वरपुर पुलिस टीम द्वारा मामले में की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही.
जंगली सुअर फ़ँसाने के लिए अवैध हुकिंग कर लगाए गए तारंगित तार में फंसने पर मृतक की हुई थी मृत्यु.
आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बाँस का डंडा एवं लाल रंग का तार किया गया जप्त, गंभीर अपराधों में पुलिस टीम द्वारा की जा रही लगातार सख्त कार्यवाही.
अंबिकापुर : सरगुजा जिले में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जंगली सुअर का शिकार करने के लिए लगाए गए अवैध करंट वाले तार ने एक निर्दोष व्यक्ति की जान ले ली। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में इस मामले में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे अवैध शिकार और लापरवाही की गंभीरता एक बार फिर उजागर हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी जयप्रकाश यादव साकिन चापकछार तेंदुपारा कापू रायगढ़ द्वारा 25 मार्च 2026 को थाना कमलेश्वरपुर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि प्रार्थी के जीजा मिश्रालाल यादव, प्रार्थी एवं अन्य को रवई दिखाने बडेरा जंगल लेकर गये थे। मिश्रालाल यादव आगे आगे चल रहे थे और अचानक गिर कर छटपटाने लगे, देखे तो उसके शरीर में नंगा तार लपटा हुआ था और हल्का धुआँ एवं आग निकल रहा था। प्रार्थी के जीजा उस पतले नंगा तार के चपेट में आ गए, जिसमे विद्युत करेन्ट था। जिसे किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा विद्युत चोरी कर नंगा तार में जंगली सुअर मारने के लिए लगाया था, जिसके चपेट में प्रार्थी के जीजा आ गए और मौके पर ही मृतक की मृत्यु हो गई।
तब प्रार्थी एवं अन्य तुरंत वापस गाँव जाकर मिश्रालाल यादव के पिता को घटना के बारे में बताये है। किसी अजात व्यक्ति द्वारा यह जानते हुए, बिजली के खम्भे से अवैध रूप से हुक लगा कर बिजली चोरी कर पतला नंगा तार से जोड़ कर जंगल में खुंटी लगाकर नंगा तार बिछा दिया था, ताकि कोई भी जानवर, जीव-जन्तु या व्यक्ति नंगा तार के चपेट में आयेगा, तो उसकी मृत्यु होना निश्चित है। जानबुझ कर यह कृत्य किया गया है, जिसके चपेट में प्रार्थी के जीजा मिश्रालाल यादव के आने से उनकी मृत्यु हुई है। मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कमलेश्वरपुर में अपराध क्रमांक 15/26 धारा 105 बी.एन.एस, 135 विद्युत् अधिनियम का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामले को संज्ञान में लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस टीम को मामले में त्वरित कार्यवाही कर प्रकरण के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख़्ती से वैधानिक कार्यवाही किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में पुलिस टीम द्वारा विवेचना के दौरान प्रकरण में शामिल आरोपियों का पत्ता तलाश कर पकड़ कर हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया। आरोपियों द्वारा अपना नाम (01) जयपाल तिर्की आत्मज स्व. रूपसाय तिर्की उम्र 46 वर्ष, (02) विश्वनाथ मांझी आत्मज स्व. कमल मांझी उम्र 37 वर्ष, (03) धुरसाय मांझी आत्मज स्व. सुन्दर मांझी उम्र 35 वर्ष, (04) श्याम सुन्दर कुजूर आत्मज निर्मल उर्फ गेद्दा कुजूर उम्र 29 वर्ष, (05) निर्मल उर्फ गेद्दा कुजूर आत्मज स्व. सोनसाय कुजूर उम्र 57 वर्ष, (06) जहूर साय आत्मज स्व. नान साय उम्र 66 वर्ष सभी साकिन असकरा थाना कमलेश्वरपुर जिला सरगुजा का होना बताया गया। आरोपियों से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किये जाने पर बताये कि बताये कि आरोपीगण जंगली सुअर का शिकार करने के लिए बिजली खम्भे से अवैध हुकिंग कर तारंगीत तार लगाए थे।
आरोपी घुरसाय, विश्वनाथ एवं श्याम सुन्दर तीनों मिलकर लकड़ी के खुंटी को पूरे जगल में लगाये एवं जयपाल तिर्की, जहूर साय एवं निर्मल बिजली के खम्भे से तार को पुरे खुंटी में लगाए, और बिजली के खम्भे के पास जाकर तार को लाल रंग की बिजली वायर को हुक बनाकर बांस के डण्डे से बिजली खम्भे के तार से जोड दिये और इकठ्ठा होकर सुअर फंसने का इंतज़ार करने लगे। इसी दौरान रात करीबन 9:00 बजे गांव में बिजली चला गया, और जंगल में बहुत सारे टार्च लाईट दिखने लगा, रोड तरफ से भी लोग मोटर सायकल में आने लगे, तब आरोपीगण पकड़ाने के डर से अपने-अपने घर चले गये, रात में ही हल्ला हो गया, कि बिजली करेन्ट में किसी व्यक्ति के फंसकर मरने की जानकारी प्राप्त हो गया था। पुलिस टीम द्वारा मामले में अग्रिम कार्यवाही करते हुए घटना-स्थल से जयपाल तिर्की के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बांस का डण्डा, लाल रंग का तार को पेश करने पर जप्त किया गया है। आरोपियों के विरूद्ध सदर धारा का अपराध घटित करना सबूत पाये जाने से प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर निरीक्षक मनोज कुमार प्रजापति, सहायक उपनिरीक्षक बबलू कुजूर, आरक्षक अर्जुन पैकरा, आरक्षक बरन सिंह, आरक्षक लुकान निकुंज, आरक्षक अमित कुमार, आरक्षक सूरज राठिया एवं वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी सक्रिय रहे।

