शराब पीने हेतु पैसे नहीं देने पर आरोपी द्वारा घर में लगाई गई आग, घटना में लगभग ₹2,50,000 की संपत्ति जलकर नष्ट
पुलिस एवं फायर ब्रिगेड की तत्परता से आग पर पाया गया काबू, आरोपी को घेराबंदी कर किया गया गिरफ्तार
दुर्ग : दुर्ग जिले के ग्राम खेरधा में एक चौंकाने वाली घटना ने सबको झकझोर दिया, जहां शराब के लिए पैसे न मिलने पर एक बेटे ने गुस्से में अपने ही घर को आग के हवाले कर दिया। कुछ ही पलों में लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गई। पुलिस की तत्परता से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इस घटना ने पारिवारिक रिश्तों और नशे की लत के खतरनाक पहलू को उजागर कर दिया है।
दिनांक 22 मार्च 2026 को प्रार्थिया मीना धृतलहरे, निवासी ग्राम खेरधा द्वारा थाना जामुल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि रात्रि करीब 10:00 बजे उसका पुत्र पुनित धृतलहरे शराब पीने के लिए पैसे मांग रहा था। पैसे देने से इंकार करने पर आरोपी द्वारा घर को आग लगाने की धमकी देते हुए सिगड़ी में कपड़ा जलाकर आग लगा दी गई, जिससे आग पूरे घर में फैल गई।
घटना में घर में रखे सामान पूर्णतः जलकर नष्ट हो गए, जिससे प्रार्थिया को लगभग ₹2,50,000 की क्षति हुई। रिपोर्ट पर थाना जामुल में अपराध क्रमांक 187/2026 धारा 326(छ) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची तथा फायर ब्रिगेड की सहायता से आग पर नियंत्रण पाया गया। विवेचना के दौरान आरोपी पुनित धृतलहरे को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किया गया, जिसे दिनांक 24 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
घटना का कारण – शराब पीने हेतु पैसे नहीं देने पर आक्रोश में घटना कारित करना
घटनास्थल – शासकीय स्कूल के पास, ग्राम खेरधा, थाना जामुल, जिला दुर्ग
आरोपी का नाम – 1. पुनित धृतलहरे, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम खेरधा, थाना जामुल, जिला दुर्ग
इस प्रकरण की कार्यवाही में थाना जामुल के थाना प्रभारी निरीक्षक रामेन्द्र सिंह, सहायक उपनिरीक्षक अजय सिंह, आरक्षक तोषण चन्द्राकर, आरक्षक महात्मा साहू, आरक्षक अतुल सिंह, आरक्षक पी.संतोष एवं आरक्षक चंदन सिंह की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील –
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के विवाद या तनाव की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें तथा तत्काल पुलिस को सूचना दें। आगजनी जैसी घटनाएं गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं, जिन पर सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

