बीट प्रणाली सशक्त कर अपराध मुक्त रायगढ़ की दिशा में तमनार पुलिस की पहल : थाना प्रभारी तमनार ने ली ग्राम कोटवारों की बैठक में बीट सिस्टम को प्रभावी बनाने और ‘ऑपरेशन आघात’ की दी जानकारी.
बीट प्रणाली होगी और मजबूत, गांव-गांव तक सक्रिय रहेगा पुलिस का सूचना तंत्र, ग्राम कोटवारों को जिम्मेदारी—मुसाफिर पंजी संधारण और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना.
‘ऑपरेशन आघात’ के तहत अवैध शराब, गांजा और जुआ-सट्टा पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश.
साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा पर विशेष जागरूकता, हेलमेट और यातायात नियम पालन पर जोर.
रायगढ़ : जिले में अपराध नियंत्रण को और मजबूत बनाने की दिशा में तमनार पुलिस ने बीट प्रणाली को सशक्त करने की पहल शुरू की है। तमनार थाना प्रभारी द्वारा ग्राम कोटवारों की बैठक लेकर ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई और गांव-गांव तक सक्रिय सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए। उद्देश्य स्पष्ट है—अपराध मुक्त और सुरक्षित रायगढ़।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में अपराध मुक्त रायगढ़ के लक्ष्य को लेकर जिले में सूचना-तंत्र को मजबूत करने तथा बीट पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। एसएसपी श्री शशि मोहन द्वारा सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को बीट प्रणाली को प्रभावी बनाये जाने निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में थाना तमनार में थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर द्वारा ग्राम कोटवारों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस-जन सहयोग को सुदृढ़ करने और “ऑपरेशन आघात” के अंतर्गत वैध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में थाना प्रभारी ने बताया कि प्रत्येक ग्राम के लिए बीट प्रभारी नियुक्त हैं और ग्राम कोटवारों को उनके साथ नियमित संपर्क बनाए रखना होगा, ताकि गांव स्तर पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि की सूचना समय पर पुलिस तक पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवपदस्थ एसएसपी की मंशा के अनुरूप बीट प्रणाली को सक्रिय एवं जवाबदेह बनाया जाएगा, जिससे अपराध नियंत्रण के साथ घटना-दुघर्टना में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके।
थाना प्रभारी ने ऑपरेशन आघात के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि तमनार क्षेत्र में अवैध शराब, गांजा, जुआ-सट्टा तथा खुड़खुड़िया जैसी गैरकानूनी गतिविधियों को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कोटवारों को निर्देशित किया कि गांव में यदि कहीं भी इस प्रकार की गतिविधि संचालित होती दिखे तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
बैठक में सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी विशेष बल दिया गया। बच्चों की परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए गांवों में अनावश्यक डीजे अथवा तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर नियंत्रण रखने, समझाईश देने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को अवगत कराने कहा गया। साथ ही प्रत्येक गांव में मुसाफिर पंजी संधारित करने, बाहरी व्यक्तियों, जड़ी-बूटी बेचने वाले फेरीवालों, सोना-चांदी चमकाने वाले घुमंतू व्यक्तियों का विवरण दर्ज करने तथा संदिग्ध स्थिति में उन्हें गांव से हटाने की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए।
थाना प्रभारी ने बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए तथा ग्रामीणों तक यह जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए शराब सेवन के बाद वाहन न चलाने, दोपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की समझाईश देने को कहा गया। तमनार पुलिस द्वारा आयोजित यह बैठक पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने और ग्राम स्तर पर अपराध की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से अपराध मुक्त एवं सुरक्षित क्षेत्र की दिशा में ठोस आधार तैयार किया जा रहा है।

