अंडर-19, विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगता-2026 : चयन को साबित किया, प्रशिक्षण का माना आभार
रायपुर : क्रिकेट भारतीय उप महाद्वीप का सबसे लोकप्रिय खेल हैं। भारत में इसे सर्वाधिक पसंद किया जाता है। क्रिकेट की चमक को युवाओं के बीच पहुंचाने और उसे बरकरार रखने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बी.सी.सी.आई) के योगदान यथा खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया ,प्रशिक्षण कार्यक्रम , प्रदत्त सुविधा की भूमिका महत्वपूर्ण है। भारत ने अभी हाल ही में जिंबाब्बे में संपन्न अंडर-19 विश्वकप प्रतियोगिता जीतकर विश्व चैंपियन बना है।
इसी प्रकार फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम पुरुष वर्ग में अंडर-19 सीनियर वर्ग 1924 में विश्वविजेता है। महिला वर्ग में सीनियर में 2025 में विश्व विजेता बनी . स्पष्ट है भारतीय टीम ने अपने विरोधियों को पराजित करके ना सिर्फ़ अपने देश का नाम रौशन किया है बल्कि भारतीय नौजवानों में उमंग का संचार कर दिया है। भारत की क्रिकेट में उपरोक्त उपलब्धि के पीछे बी.बी.सी.आई की दूरदृष्टी है। आज की परिस्थिति में सभी खेलों के खिलाड़ी जब अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने के लिए चयनित किये जाते हैं तो उनका चयन उनकी प्रतिभा के अनुसार होता है।
इस प्रतिभा में जब तक जुझारूपन ना हो, मैच जीतने की रणनीति ना हो, खिलाड़ी में दमखम याने स्टेमिना ना हो, मुकाबले में पिछड़ने के दौरान आत्मविश्वास की कमी हो ऐसी परिस्थिति में कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी टीम को आसानी से विजयश्री नहीं दिला सकता।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने क्रिकेट खिलाड़ियों के जूनियर, सब जूनियर, सीनियर वर्ग की महिला, पुरुष टीम बनाये हैं बल्कि उम्र के आधार पर भी टीम बनाये हैं। एक खिलाड़ी जब कम उम्र से अपने खेल के स्तर को बनाए रखना है तो उसे विशेष प्रशिक्षण देकर अगले वर्ग/उम्र की टीम में सम्मिलित कर लिया जाता है। इस तरह आज भारतीय क्रिकेट टीम विश्व स्तरीय स्पर्धा के लिए तैयार की जा रही है। जिसका उदाहरण हमने देख लिया है।
आम तौर पर यह कहा जाता है क्रिकेट में टेस्ट हो या एक दिवसीय या टी-20 कम देशों में खेले जाने के कारण भारतीय क्रिकेट टीम सफलता प्राप्त कर लेती है। आज विश्व के पुरुष टेस्ट टीमों की संख्या 12 है। जिसमें भारत को चौथी वरीयता प्राप्त है।
ठीक इसी प्रकार पुरुषों की एक दिवसीय साथ ही टी 20 टीम में भारत चैंपियन है.भारत को एक दिवसीय वर्ग की अधिकृत 20 टीम में पहली वरीयता प्राप्त है। विश्व में टीम-20 की मान्यता प्राप्त 95 टीम है। जिसमें भारत की वरीयता प्रथम है। वह विश्व चैंपियन है। महिला वर्ग में दुनियां के 16 एक दिवसीय क्रिकेट टीम में भारत की वरीयता तीन है जबकि वह विश्व चैंपियन है।
उपरोक्तानुसार अध्ययन करने पर स्पष्ट हो जाता है कि आज क्रिकेट में बादशाहत हासिल करना आसान नहीं है। यही कारण है कि बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देती है। भले ही यह अविश्वसनीय लगे परंतु सच तो यह है कि राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में 15 सदस्य होते हैं लेकिन कोच और सहयोगी सदस्य याने खेल चिकित्सक,फिजियोथेरेपिस्ट, आहार विशेष, मनोचिकित्सक, मेंटर आदि मिलाकर 16-17 सदस्य होते हैं।
वे ऐसे सदस्य होते हैं जो अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ ,प्रसिद्ध,वरिष्ठ होते हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों की यात्रा, आवास,भोजन की व्यवस्था एकदम उचित व पर्याप्त होती है। साथ ही साथ खिलाड़ियों को उनके परिश्रम की बदौलत बड़ी राशि दी जाती है। भारत के अंडर-19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने विश्वकप जीतकर न सिर्फ अपने भारत देश को गौरवान्वित किया है बल्कि यह साबित कर दिया है कि बीसीसीआई द्वारा दी जा रही सुविधा संपूर्ण और सर्वश्रेष्ठ है।
विशेष लेख – जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ खेल पत्रकार

