यूजीसी नए कानून के विरोध में राजपूत क्षत्रिय महासभा 1282 द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन.
कलेक्टर रायपुर को सोपा गया ज्ञापन.
रायपुर : यूजीसी के नए कानून के विरोध में राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ ने प्रदेशभर में संगठित विरोध दर्ज कराया। रायपुर में केंद्रीय एवं जिला इकाइयों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महासभा का कहना है कि यह कानून सामान्य वर्ग के छात्रों एवं शिक्षकों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, जिसे लेकर समाज में गहरी चिंता है।
राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ रहटादाह पंजीयन क्रमांक 1282 के द्वारा यूजीसी कानून के विरोध में पूरे प्रदेश में केंद्रीय महासभा एवं 37 उप समितियों के द्वारा विरोध प्रगट कर प्रधानमंत्री भारत शासन के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा गया। राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ के प्रचार सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि इस कानून के द्वारा स्वर्ण समाज सामान्य वर्ग के छात्रों एवं अध्यापकों के प्रति कभी भी दुर्भावनावश प्रकरण दर्ज कर अपराधी घोषित करने का अंदेशा था जो सामान्य के अधिकार का हनन है। अतः छात्रों एवं अध्यापकों को स्वस्थ चित से कार्य करने हेतु मनोवैज्ञानिक प्रभाव शिक्षा जगत में बना रहे इसके लिए श्री बजरंग सिंह बैस केंद्रीय अध्यक्ष महासभा के नेतृत्व में केंद्रीय महासभा एवं रायपुर के तीनों उप समिति, उप समिति रायपुर, रायपुर दक्षिण, रायपुर उत्तर के पदाधिकारी एवं सदस्यों के द्वारा रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए जिलाधीश जिला रायपुर को ज्ञापन सोपा गया।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ठाकुर बजरंग सिंह बैस, केंद्रीय उपाध्यक्ष ठा. पंकज सिंह भुवाल, केंद्रीय प्रचार सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर, केंद्रीय युवा अध्यक्ष अनुराग सिंह, पूर्व केंद्रीय पदाधिकारी वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह, महेंद्र सिंह परिहार, अश्वनी राजपूत, कमलेश सिंह राजपूत, रायपुर दक्षिण के अध्यक्ष ठा. इंद्र कुमार सिंह, रायपुर के अध्यक्ष ठाकुर मोरध्वज सिंह बैस, लव सिंह ठाकुर, प्रकाश सिंह, सूरज सिंह, सुरेश सिंह, दिनेश सिंह मनमोहन सिंह, विष्णु सिंह ठाकुर, अनिल सिंह, विजय सिंह, शरद सिंह, ममता राजपूत, नमिता राजपूत, आरती राजपूत, ज्योति राजपूत, कविता परमार, हेमकांता गौतम, बलवंत सिंह, गणेश सिंह, सुदर्शन सिंह, आकाश सिंह, रिया परमार, राकेश सिंह, रितेश सिंह, विमल सिंह, महेश्वर सिंह, सुनील भुवाल, पियूष ठाकुर, अनंतजीत सिंह चंदेल, चंद्रभान सिंह, रणजीत सिंह, अलका राजपूत, चमेली ठाकुर, तनूजा ठाकुर, मनीष ठाकुर, रमा क्षत्रिय, लीलावर सिंह राजपूत, राम कुमार ठाकुर के साथ सैकड़ो की संख्या में सामाजिक सदस्य उपस्थित रहे।

