रायपुर : कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने प्रदेश से महिलाओं और बच्चियों के गायब होने पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कहने वाले भाजपा सरकार में बेटियां गायब हो रही है, गुमशुदा के सरकारी आंकड़ों में दर्ज हर संख्या के पीछे एक परिवार जिसकी खुशियां अचानक उजड़ जाती है, घर से हंसते-खेलते निकली बेटियां जब वापस नहीं लौटी तो परिवारों की जिंदगी थम सी जाती है। राजधानी रायपुर में हालात ऐसे हैं कि लगभग रोज ही किसी न किसी थाना क्षेत्र में बालिकाओं के गुम होने की सूचना दर्ज हो रही है। रायपुर जिला से 1327 गायब हुई, लड़कियों में ज्यादातर नाबालिक जिसमें से अभी भी 106 को अब भी पुलिस ढूंढ नहीं पाई है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने गृह मंत्री से पूछा कि मानव तस्करी को रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है? प्रदेश में बेटियां असुरक्षित है, लगातार गुमशुदगी की खबरें चिंताजनक और आंकड़े डराने वाली है, सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1327 लड़कियां गायब हुई थी। 14 जनवरी 2026 को खरोरा थाना के अंतर्गत 15 वर्षीय नाबालिक किशोरी के गुमशुदा होने का मामला, अभनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत 2 जनवरी 2026 को 15 वर्षीय नाबालिक किशोरी की गुमशुदा होने का मामला, 14 जनवरी 2026 को मोवा से 16 वर्षीय नाबालिक किशोरी का अपहरण होने का मामला, ऐसे ना जाने और कितने मामले होंगे जो आंकड़े में शामिल नहीं होंगे। यह आंकड़ा भारतीय जनता पार्टी के डबल इंजन सरकार के सुरक्षा दावों का पोल खोल रहा है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि गृह मंत्री ने विधानसभा में जो अपराध के आंकड़े दिये है उसके अनुसार प्रदेश में हर एक साल के भीतर 3191 बलात्कार की घटनाएं हुई है, इस हिसाब से रोज प्रदेश में 8 से 9 दुराचार की घटनाएं हो रही है। अर्थात राज्य में हर 3 घंटे में एक महिला दुराचार की शिकार हो रही है। राजधानी में 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना मन को झनझोर देता है। कोरबा में एक युवती का धारदार हथियार से गला काट दिया जाता है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद सरकार महिलाओं को भयमुक्त सुरक्षित जीवन जीने का वातावरण देने में असफल साबित हुई है।

