एम्बुलेंस पर हमला पड़ा भारी : आपातकालीन सेवा में बाधा बर्दाश्त नहीं, पुसौर पुलिस की सख्त कार्रवाई, एम्बुलेंस चालक से मारपीट और तोड़-फोड़ मामले में छः आरोपी भेजे गए जेल.

एम्बुलेंस पर हमला पड़ा भारी : आपातकालीन सेवा में बाधा बर्दाश्त नहीं, पुसौर पुलिस की सख्त कार्रवाई, एम्बुलेंस चालक से मारपीट और तोड़-फोड़ मामले में छः आरोपी भेजे गए जेल.

आपातकालीन सेवा में तैनात एम्बुलेंस और उसके चालक पर हमला करने के मामले में पुसौर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए छः आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। सड़क दुर्घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची एम्बुलेंस के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि वाहन में तोड़-फोड़ कर लगभग एक लाख रुपये से अधिक की क्षति पहुंचाई गई थी।

जानकारी के अनुसार दिनांक 17 अक्टूबर 2025 की रात्रि एनटीपीसी लारा अंतर्गत संचालित एम्बुलेंस को देवलसुरा मार्ग में सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने पर ग्राम देवलसुरा चौक भेजा गया था। एम्बुलेंस चालक के साथ एमटी देवेन्द्र सोनी भी मौके पर पहुंचे, जहां पहले से भारी भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान विकास साव, सुनील साव, प्रकाश निषाद, रोहित डनसेना, सुनील गुप्ता, शैलेष पटेल सहित लगभग 20–25 लोगों ने एक राय होकर दोनों एम्बुलेंस कर्मियों के साथ गाली-गलौच शुरू कर दी और उन्हें एम्बुलेंस से खींचकर बाहर निकालते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट की। भीड़ द्वारा पत्थर और हेलमेट से एम्बुलेंस पर हमला किया गया, जिससे वाहन के आगे, पीछे और साइड के शीशे सहित अन्य हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंचा। मारपीट की स्थिति को देखते हुए एमटी देवेन्द्र सोनी जान बचाकर मौके से भाग गया।

घटना के संबंध में एम्बुलेंस चालक द्वारा दिनांक 19 अक्टूबर 2025 को थाना पुसौर में आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर अपराध क्रमांक 285/2025 धारा 115(2), 324(5), 191(2) भारतीय न्याय संहिता तथा लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर मौका नक्शा तैयार किया गया तथा क्षतिग्रस्त एम्बुलेंस का नुकसानी पंचनामा बनाया गया।

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