ऑपरेशन अंकुश में बड़ी सफलता : जशपुर पुलिस ने छः करोड़ की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को झारखंड से पकड़ा, सी बुल्स ग्लोबल ठगी कांड का मास्टरमाइंड और दो साथी गिरफ्तार, भेजे गए जेल.

ऑपरेशन अंकुश में बड़ी सफलता : जशपुर पुलिस ने छः करोड़ की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को झारखंड से पकड़ा, सी बुल्स ग्लोबल ठगी कांड का मास्टरमाइंड और दो साथी गिरफ्तार, भेजे गए जेल.

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 17 अक्टूबर 2025 को थाना पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत मदनपुर, इंजिको निवासी, प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव, उम्र 43 वर्ष ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि वह खेती-बाड़ी ठेकेदारी का काम करता है। वर्ष 2023 में उसे तथा उसके साथी क्रमशः डॉ. पीताम्बर साय निराला, सुकुंद चौहान, राजेंद्र भगत को  पत्थलगांव के एक हॉटल मान्या से उसके एक परिचित ने फोन कर बताया था कि एक कंपनी से कृषि प्रोडक्ट की जानकारी देने के लिए एक व्यक्ति संतोष कुमार साव, हॉटल मान्या में आया हुआ है, जिसके द्वारा कृषि प्रोडक्ट की जानकारी दिया जाना है, अतः आप लोग हॉटल मान्या आ जाए।

जिस पर प्रार्थी अपने उक्त साथियों के साथ हॉटल मान्या पहुंच गया व कृषि प्रोडक्ट की जानकारी देने आए, व्यक्ति संतोष कुमार साव से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान संतोष कुमार साव ने प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव व उसके साथ आए साथियों को अपने झांसे में लेते हुए बताया कि वह घरघोड़ा, पत्थलगांव में प्रोडक्ट बेस कंपनी (सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन) में कार्य करता है, कंपनी एक कृषि संबंधी प्रोडक्ट्स का नया प्लांट लगाने वाली है, जिसमें निवेश करने पर अच्छा खासा लाभ मिलेगा, व प्रति महीना जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा। जिस पर प्रार्थी व उसके साथियों तथा पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत अन्य ग्रामीणों के द्वारा भी, संतोष कुमार साव के झांसे में आकर कंपनी में निवेश हेतु रकम दिया गया था। निवेश के कुछ महीने तक रकम, प्रार्थी व उसके साथियों तथा ग्रामीणों को प्रतिमाह ब्याज का रकम मिल रहा था, उसके बाद पैसा आना बंद हो गया।

पैसा आना बंद होने पर प्रार्थी व उसके साथियों ने संतोष कुमार साव से संपर्क किया व पैसा न आने का कारण पूछने पर, आरोपी संतोष कुमार साव के द्वारा उन्हें उक्त सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन नामक कंपनी के एम.डी. मोहम्मद सिराज आलम से मिलवाया गया, जहां मोहम्मद सिराज आलम के द्वारा पुनः प्रार्थी व उसके साथियों को गुमराह करते हुए, झांसे में लेकर बताया गया था कि उसकी कंपनी, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स बेस कंपनी नहीं है, बल्कि एक ट्रेडिंग कंपनी है और कंपनी का सारा प्लान बताते हुए कहा कि उनकी कंपनी, सेबी में रजिस्टर्ड है व 12 वर्षों से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर रही है, उनकी कम्पनी, रकम निवेश कराने का काम करती है, जो भी निवेशक उनकी ट्रेडिंग कंपनी में निवेश करता है, उसे प्रतिदिन 1% प्रतिशत का लाभ मिलता है, व 10 महीनों में उनका मूलधन लगभग तीन गुना से अधिक हो जाता है। और बताया कि जांजगीर-चांपा के रहने वाले हरिशरण देवांगन व संतोष कुमार साहू, उसके बिजनेस पार्टनर हैं,उनके द्वारा निवेश की रुपए का, चेक के माध्यम से बैंक गारंटी भी दिया जाता है।

हरिशरण देवांगन व संतोष कुमार साहू के द्वारा प्रार्थी व उनके साथियों तथा अन्य निवेशकों को झांसे में लेते हुए, अक्टूबर 2023 में अलग-अलग समय में, कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा, बिलासपुर में मीटिंग का आयोजन कर, उनसे करोड़ों रुपए का कंपनी में निवेश कराया गया। व निवेश की रकम पर, गारंटी के तौर पर फेडरल बैंक व इंडसइंड बैंक का चेक दिया गया था। इस प्रकार प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव के द्वारा ऑन लाइन व नगद मिलाकर 1 करोड़ 80 लाख रुपए, उसके साथी लक्ष्मण केशवानी के द्वारा 95 लाख रुपए, कमलेश यादव के द्वारा 10 लाख रुपए, भूषण पटेल के द्वारा 33 लाख रुपए, डॉ. पीताम्बर साय निराला के द्वारा 25 लाख रुपए, राजेश देवांगन के द्वारा 15 लाख रुपए, इस प्रकार अन्य लोगों से भी रुपए लेकर कुल कुल 06 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।

निवेशकों के द्वारा अपनी रकम वापस मांगने पर वर्ष 2024 में ठगों के द्वारा हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड बनने के नाम पर, उड़ीसा के सुंदरगढ़ में मीटिंग आयोजित कर, निवेशकों के आधार कार्ड, पेन कार्ड जैसे दस्तावेज लेकर व निवेशकों के हस्ताक्षर लेकर, निवेशकों के नाम पर, सी बुल्स सहयोग निधि, रियल स्टेट व फाइनेंस लिमिटेड के नाम से रजिस्ट्रेशन करा दिया गया और निवेशकों को उसका मेंबर व डायरेक्टर बना दिया गया। कंपनी के द्वारा अपने वेब साइट को बंद कर दिया गया है व सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन कंपनी के डायरेक्टर व उसके सदस्यों से संपर्क करने पर उनके द्वारा, कंपनी में लॉस का बहाना बना कर,  रकम वापसी हेतु टाल मटोल किया जा रहा है व अपने फोन को भी बंद कर दिया गया है।

चूंकि मामला आम ग्रामीणों से करोड़ों रुपए की ठगी से संबंधित था अतः, मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर तत्काल थाना पत्थलगांव में आरोपियों के विरुद्ध भा.द.सं 1860 की धारा 420,120(बी) व 34 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।

पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए पूर्व में ही मामले से जुड़े दो आरोपी क्रमशः हरिशरण देवांगन व संतोष कुमार साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।

सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन कंपनी का तथा कथित एमडी मोहम्मद सिराज आलम व उसका पार्टनर इमरान खान तथा सहयोगी संतोष साव घटना दिनांक से फरार थे, पुलिस के द्वारा लगातार उनकी पातासाजी की जा रही थी। पुलिस की टेक्निकल टीम भी फरार आरोपियों को ट्रेस कर रही थी, साथ ही पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया था।

इसी दौरान पुलिस को टेक्निकल टीम व मुखबिर की मदद से पता चला कि उक्त सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन कंपनी का एमडी मोहम्मद सिराज आलम, बोकारो झारखंड में है तथा उसके पार्टनर व सहयोगी इमरान खान व संतोष कुमार साव रांची में हैं। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा तत्काल एक पुलिस टीम गठित कर, फरार आरोपियों की धर पकड़ हेतु रांची, बोकारो झारखंड रवाना की गई, जहां जशपुर पुलिस की टेक्निकल टीम के सहयोग से बोकारो से मोहम्मद सिराज को व रांची से इमरान खान तथा संतोष कुमार साव को हिरासत में लेकर वापस लाया गया है। पुलिस के द्वारा उनके कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक खाता व लैपटॉप को बरामद कर जप्त किया गया है। पुलिस के द्वारा उनके बैंक डिटेल व लैपटॉप की डाटा की जांच की जा रही है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके द्वारा लोगों को निवेश के पश्चात, प्रति दिवस, निवेशित रकम का 01 प्रतिशत ब्याज के तौर पर देने का लालच दिया गया था, जिससे कि निवेशकों के निवेशित रकम साल भर में तीन गुणा से भी अधिक हो जाती, उनके द्वारा निवेशकों से रकम लेकर, शुरुआत के पांच माह में, उन्हें 1% प्रतिशत ब्याज के रूप में कुछ रकम वापस किया गया, बाद में रकम देना बंद कर दिया गया। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि, कंपनी के द्वारा कोई अलग से रकम, ब्याज के तौर पर नहीं दी जाती थी, बल्कि निवेशकों के रुपए को ही, अन्य निवेशकों को ब्याज के तौर पर दिया जाता था। जब नए निवेशक जुड़ना बंद हो गए, तब कंपनी के द्वारा, निवेशकों को ब्याज का रकम देना बंद कर दिया गया व निवेशकों की रकम को हड़प लिया गया।

आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर  भेजा जा रहा है।

Crime Jashpur