गांव की साधारण महिला बनी उदाहरण : बीसी सखी तारा बाई ने बैंकिंग सेवाओं से बदल दी ग्रामीणों की जिंदगी, बीसी सखी बनकर ग्रामीणों को दे रहीं बैंकिंग सुविधाएँ, हर महीने 50-60 लाख का लेन-देन कर 9 हजार तक की आय,

गांव की साधारण महिला बनी उदाहरण : बीसी सखी तारा बाई ने बैंकिंग सेवाओं से बदल दी ग्रामीणों की जिंदगी, बीसी सखी बनकर ग्रामीणों को दे रहीं बैंकिंग सुविधाएँ, हर महीने 50-60 लाख का लेन-देन कर 9 हजार तक की आय,

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप स्व सहायता समूह में महिलाओं को जोड़ कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। जिले की महिलाओं को ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत् समूह के रूप में विकसित करके रोजगामूलक कार्य के लिए विभिन्न प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने स्वयं का व्यवसाय कर रही है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही है।

इसी कड़ी में विकासखण्ड कांसाबेल के छोटे से ग्राम चिड़ोरा की रहने वाली है तारा बाई प्रज्ञा स्व सहायता समूह से जुड़ कर आत्मनिर्भर बन गई है। समूह सहेली ग्राम संगठन से जुड़कर तारा बाई ने बीसी सखी का काम शुरू किया। चिड़ोरा ग्राम मुख्य मार्ग से जुडे़ नहीं होने के कारण विभागीय लेन-देन हेतु ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ता था, किन्तु तारा बाई बिहान योजना से जुड़कर ग्रामीणों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुँचाकर गांवों के लिए सच्ची सखी सिद्ध हुई हैं।

गांव वालों को बैंक के हर छोटे बडे़ काम के लिए अब कांसाबेल स्थित बैंक नहीं जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही वह स्वंय भी आर्थिक रूप से सशक्त हुई है। तारा बाई के माध्यम से गांवों में वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा मजदूरी भुगतान, स्वयं सहायता समूह की राशि का लेन-देन एवं अन्य बैंकिंग कार्य किए जाते हैं।

Jashpur