20,500 करोड़ का डिजिटल ट्रांसफर : जशपुर के किसानों को भी मिला सीधा लाभ, सम्मेलन में उमड़ा उत्साह, ₹15.91 करोड़ सीधे किसानों के खातों में, पीएम किसान योजना से जशपुर के कृषकों में खुशी की लहर.

20,500 करोड़ का डिजिटल ट्रांसफर : जशपुर के किसानों को भी मिला सीधा लाभ, सम्मेलन में उमड़ा उत्साह, ₹15.91 करोड़ सीधे किसानों के खातों में, पीएम किसान योजना से जशपुर के कृषकों में खुशी की लहर.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने कहा कि भारत सरकार किसानों को समर्थ और सशक्त बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारें किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कृषकों को मशरूम उत्पादन जैसी अतिरिक्त आय सृजन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित मशरूम प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में जशपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख श्री राकेश कुमार भगत द्वारा इस प्रक्षेत्र में चल रहे विभिन्न कृषि संबंधी गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दिया गया।

उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत ने किसानों से अपील की कि वे शत-प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड बनवाएं तथा लखपति दीदी योजना और पीएम किसान योजना में अभी तक वंचित किसानों का शीघ्र पंजीयन कराएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान की किश्त तकनीकी त्रुटियों के कारण परेशानी हो रही है तो वे अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग से संपर्क कर समस्या का समाधान कर सकते हैं। कार्यक्रम में केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासकीय योजनाओं के बारे में किसानों को जागरूक करने और इससे लाभान्वित करने को कहा गया। 

इस अवसर पर कृषक उपज मंडी समिति पत्थलगांव के सचिव श्री राकेश खैरवार ने मंडी प्रांगण में बने फल-सब्जी दुकानों के सम्बंध में किसानों को विस्तृत  जानकारी प्रदान की। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र कुनकुरी के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. सिंन्हा ने उन्नत कृषि तकनीकी, जैविक खेती और समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन एवं कीट व्याधि नियंत्रण के सम्बंध में किसानों को विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

छोटे एवं सीमांत किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई आदि के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना।  प्रतिवर्ष 6,000 की  सहायता प्रदान कर  खेती के खर्च में सहायता करना।  किसानों पर ऋण भार को कम करना।  समय पर इनपुट सामग्री मिलने से उपज की मात्रा और गुणवत्ता बेहतर हो। किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाकर ग्रामीण बाजारों में गतिविधि बढ़ाना एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को शसक्त बनाना।पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त डिजिटल भुगतान (DBT) के माध्यम से लाभ पहुँचाना। किसानों के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

Jashpur