माननीय विशेष न्यायालय (एफटीसी कोर्ट) द्वारा दी गई सजा,आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत की गई थी कार्रवाही
थाना प्रभारी जांजगीर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी द्वारा त्वरित कार्रवाई कर किया गया था अभियोग-पत्र पेश.
आरोपी के विरुद्ध थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 802/2024 धारा 65 (2) बीएनएस (BNS) एवं 06 पास्को एक्ट के तहत अपराध किया गया था पंजीबद्ध.
जांजगीर-चांपा. 24 जून 2025 : न्यायिक प्रणाली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मासूमों के साथ दरिंदगी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वर्ष 2024 में दो वर्षीय मासूम बच्ची से अनाचार करने के मामले में दोषी पाए गए आरोपी आशिक देवार उर्फ लोधो को विशेष न्यायालय (एफटीसी) जांजगीर ने शेष प्राकृत जीवनकाल तक के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी की त्वरित विवेचना, न्यायालयीन पैरवी और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।
मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 माह अक्तूबर में आरोपी द्वारा दो वर्षीय मासूम बच्ची से अनाचार करने के मामले में आरोपी के विरुद्ध थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 802/2024 धारा 65 (2) बीएनएस (BNS) एवं 06 पास्को एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण की संपूर्ण विवेचना वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार एवं मार्गदर्शन अनुसार निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी थाना प्रभारी जांजगीर द्वारा की जाकर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। प्रकरण का विचारण माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायधीश (FTC) महोदय, न्यायालय जांजगीर द्वारा किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी आशिक देवार उर्फ लोधो पिता राज कुमार देवार निवासी बस स्टैण्ड के पास वार्ड क्रमांक 01 इंदिरा कालोनी कसडोल थाना कसडोल जिला बलौदा बाजार-भाठापारा हाल मुकाम शांति नगर जांजगीर थाना सिटी कोतवाली जांजगीर के विरुद्ध अपराध धारा में दोष सिद्ध पाए जाने से आजीवन कारावास, शेष प्राकृत जीवन काल तक के लिए दण्डित किया गया। इस प्रकरण की पैरवी चंद्र प्रताप सिंह एवं योगेश गोपाल अतिरिक्त लोक अभियोजक जांजगीर द्वारा की गई है।

